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जमशेदपुर : एनएमएल में छात्र-वैज्ञानिक बातचीत कार्यक्रम 'जिज्ञासा' का आयोजन

Jamshedpur (Dharmendra Kumar)सीएसआईआर-एनएमएल जमशेदपुर में मंगलवार को तकनीकी नवाचारों और आविष्कारों को प्रदर्शित करने के लिए "एनएमएल एक नजर में" प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डॉ. देवाशीष भट्टाचार्जी, सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव, मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मीता तरफदार और डॉ. एसके पाल ने संयुक्त रुप से किया. सीएसआईआर-एनएमएल एक सप्ताह एक प्रयोगशाला कार्यक्रम और प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों, उद्योगों, एमएसएमई और आम जनता सहित अपने हितधारकों से जुड़ना है. प्रदर्शनी में इसके योगदान के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करने वाली लगभग 80 तकनीकी पोस्टर लगाए गए हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/NML-PRADARSHANI-1.jpg"

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alt="" width="600" height="400" /> इस दौरान कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गंगाधर पांडा और सीएसआईआर- एनएमएल के पूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने स्कूली छात्र- वैज्ञानिक बातचीत कार्यक्रम `जिज्ञासा` का उद्घाटन किया. सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने संक्षेप में जिज्ञासा कार्यक्रम के बारे में बात की और प्रयोगशाला द्वारा किए गए विभिन्न शोध गतिविधियों की जानकारी दी. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिमेष जाना ने सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा सीएसआईआर जिज्ञासा कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का सारांश प्रस्तुत किया. डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने सीएसआईआर-एनएमएल और इसकी विरासत के बारे में बात की. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/NML-PRADARSHANI-3.jpg"

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मौके पर प्रो गंगाधर पांडा ने कहा कि किस तरह पौराणिक तथ्यों ने मानव मन को वैज्ञानिक खोजों के प्रति आकार देने में मदद की. उन्होंने सीएसआईआर-एनएमएल की अब तक की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम स्तर की बौद्धिक संतुष्टि के लिए आगंतुकों के ज्ञानवर्धन पर जोर दिया. कार्यक्रम के अंत में मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मीता तरफदार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया. जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के लगभग 300 छात्र और सात अलग-अलग स्कूलों के 16 शिक्षक ने सीएसआईआर-एनएमएल का भ्रमण किया. [wpse_comments_template]

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