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पांच सालों के लिए किया गया है करार
गौरतलब है कि टाटा स्टील साल 2045 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन के अपने लक्ष्य पर काम कर रही है. इसके लिए ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटीज एक्सचेंज लिमिटेड में टेक्नोलॉजी मेटल्स ऑस्ट्रेलिया की फाइलिंग के अनुसार दोनों कंपनियों ने एक करार पर हस्ताक्षर किया है. इसके अनुसार दोनों कंपनियां डाउनस्ट्रीम वैनेडियम प्रोसेसिंग के लिए जरूरी आवश्यकता और संभावनाओं पर मंथन करेगी. साथ ही दोनों कंपनियां टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट में संभावित निवेश पर भी विचार कर रही है. टेक्नोलॉजी मेटल ऑस्ट्रेलिया की फाइल के अनुसार यह करार पांच साल के लिए है. लेकिन समझौते के अनुसार दोनों कंपनियां इस करार को 5 साल से पहले भी खत्म कर सकती है. इसे भी पढ़ें : पटना">https://lagatar.in/patna-criminals-fired-on-journalist-got-two-bullets/">पटना: पत्रकार पर अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, दो गोली लगी
यह डील ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगी व पर्यावरण को बेहतर बनाएगी : राजीव मुखर्जी
वहीं, टेक्नोलॉजी मेटल ऑस्ट्रेलिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि टाटा स्टील के साथ साझेदारी करने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को जीरो बनाने का काम तेजी से आगा बढ़ेगा. विदित हो कि पूरा विश्व उत्सर्जन की तरफ बढ़ रहा है. टाटा स्टील इसमें एक अहम योगदान दे सकती है. टाटा स्टील के रणनीतिक खरीद उपाध्यक्ष राजीव मुखर्जी का मानना है कि यह डील ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगी और पर्यावरण को बेहतर बनाएगी. अधिकारियों का कहना है कि टाटा स्टील की स्टील मेकिंग प्रक्रिया में ताकत बढ़ाने और वजन कम करने का एक प्रमुख घटक वैनेडियम है. जैसे-जैसे ग्राहक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए अपना मन बना लेंगे. उत्पादों की मांग भी उसके साथ साथ बढ़ने लगेगी. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-cyber-awareness-program-e-rakshak-launched-at-chamber-bhawan/">रांची: चैंबर भवन में साइबर जागरुकता कार्यक्रम, ई-रक्षक किया गया लॉन्च [wpse_comments_template]

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