Jamshedpur (Sunil Pandey) : पोटका अंचल के नरवापहाड़, चेमाईजुड़ी गांव में चांदान ओल चिकी ईतुन आसड़ा, बिदु चांदान सेवा गांवता और ग्रामसभा चेमाईजुड़ी के संयुक्त तत्वाधान में जोस ओल चिकी 2025 को सफल बनाने के लिए प्रचार प्रसार अभियान के तहत जन जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत क्षेत्रीय भाषा में संथाली भाषा को ओलचिकी लिपि से अनुवाद कर पुस्तक मुद्रित हो नहीं करने तथा संथाली भाषा शिक्षकों की बहाली नहीं होने, संथाली अकादमी का अविलंब गठन के संबंध में चर्चा किया. वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल संथाली भाषा को झारखंड राज्य में प्रथम राजभाषा का दर्जा नहीं दिया जाने का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार अविलंब हमारी मांगों पर विचार कर उचित पहल करे, अन्यथा कोल्हान से संथाल परगना तक उग्र आंदोलन किया जाएगा.
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मुख्य अतिथि कलिकापुर तोरोप पारगना आयो मानिज पुन्ता मुर्मू ने कहा कि सभी ग्राम सभा से महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, निदेशक जेसीआरटी, स्कुली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड को दिया गया. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.ओलचिकी संस्थापक मगत मुर्मू, माझी बाबा चेमाईजुड़ी चन्द्र शेखर हांसदा, तालसा माझी दुर्गा चरण मुर्मू, मानसिंह सोरेन, शिवचरण हांसदा, फुदान चन्द्र सोरेन, पिताम्बार हांसदा, भुजंग टुडू, दुलाल हांसदा, डुमका मुर्मू (बिदू), किशुन मुर्मू, बिशु सोरेन, पिरू मुर्मू, माई सोलमा टुडू, प्रमिला सोरेन, हिरामुनी सोरेन, मायनो हांसदा, सिनगो टुडू, रुपी सोरेन समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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