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गैरेज के कारण सड़कों पर खड़े होते हैं वाहन
[caption id="attachment_677437" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> राकेश कुमार चौधरी.[/caption] मनीफिट से जेम्को तक भारी वाहनों के मरम्मत के किए कई गैरेज हैं. इस कारण इस सड़क पर प्रतिदिन भारी वाहन खड़े रहते हैं. इस सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रात में अक्सर दुर्घटनाएं होती है. इस संबंध में राहरगोड़ा निवासी पूर्व वायु सेना अधिकारी राकेश कुमार चौधरी का कहना है कि जमशेदपुर में ट्रॉफिक एवं सड़क दोनों की हालत खराब है. बामनगोड़ा, राहरगोड़ा के ग्रामीण सड़कों एवं टाटा पावर से लेकर जेम्को तक सड़क की जो दुर्दशा है उसे देखकर रोना आता है. इस बारे में कई बार जिला प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन नतीजा सिफर ही रहा. इस क्षेत्र में टाटा मोटर्स, जेम्को, टाटा पावर और नूवोको जैसी कंपनियां मौजूद है. इसके बावजूद सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है जिसके कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-haryana-police-arrested-two-thugs-from-jugsalai/">जमशेदपुर
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नहीं है भारी वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था
[caption id="attachment_677439" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> अमर नाथ चौबे.[/caption] सलगाझरी निवासी अमर नाथ चौबे का कहना है कि इस क्षेत्र में आधे दर्जन कंपनी हैं. इस कंपनियों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी वाहनों का आना जाना होता है, लेकिन भारी वाहनों के लिए कोई पार्किंग की व्यवस्था कंपनियों द्वारा नहीं किए जाने के कारण भारी वाहन सड़क के किनारे खड़े रहते हैं. जो दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं. इस सड़क के रख-रखाव की जिम्मेवारी टाटा स्टील यूआइएसएल की है. लेकिन टाटा स्टील यूआइएसएल भी इस सड़क को लेकर गंभीर नहीं है जबकि इस सड़क से रोज हजारों की संख्या में कंपनी के कर्मचारी एवं इस क्षेत्र के रहने वाले लोग आना जाना करते हैं. [wpse_comments_template]
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