Jamtara : विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ही जामताड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गयी है. लगातार न्यूज की टीम द्वारा किए गए जमीनी निरीक्षण में पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह बंद पाए गए. जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है. टीम ने अर्जुनडीह, पतरोडीह, शिमला, घाटी पांडेडीह और लोकनिया स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया.

हैरानी की बात यह रही कि जिस दिन स्वास्थ्य जागरूकता और सेवाओं के प्रचार-प्रसार का होना चाहिए था, उसी दिन इन सभी केंद्रों पर ताले लटके मिले. न तो वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद था और न ही मरीजों के लिए कोई व्यवस्था दिखी.
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इन केंद्रों का अक्सर यही हाल रहता है. जरूरत के समय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है. विश्व स्वास्थ्य दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी लापरवाही का यह आलम स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
सबसे चिंताजनक बात तो यह है कि यह क्षेत्र राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभाव क्षेत्र में आता है. इसके बावजूद बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं का इस तरह ठप रहना प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता को उजागर करता है.
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी सच्चाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. अब देखना होगा कि इस मामले में संबंधित अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं और आम जनता को कब तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाती है. सिविल सर्जन एसपी मिश्रा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद रहना दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कर्मियों पर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है.
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