Jamtara: कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता अथवा अभिभावकों को खो चुके बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर बुधवार को जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना की समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद उपायुक्त ने योजना से लाभान्वित बच्चों से मुलाकात कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया.
बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जामताड़ा जिले में वर्तमान में इस योजना के तहत दो बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं. इनमें एक छात्र एनआईटी जमशेदपुर में सेमेस्टर-6 की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा छात्र जिले के एक निजी विद्यालय में कक्षा 10वीं का विद्यार्थी है. उपायुक्त ने एक लाभुक की फीस माफी के लिए संबंधित विद्यालय से पत्राचार करने का निर्देश दिया. साथ ही पीएम केयर्स पोर्टल पर दोनों लाभुकों की अपडेट जानकारी समय पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए.
बच्चों से संवाद के दौरान उपायुक्त ने उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि “पढ़ाई कभी नहीं छोड़नी है, यही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा साधन है. किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो प्रशासन को निःसंकोच बताएं.”
उन्होंने बच्चों को कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी. उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके उज्ज्वल भविष्य और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
गौरतलब है कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत कोविड-19 महामारी में माता-पिता या अभिभावकों को खो चुके बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें. बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, पीओएनआईसी रिंकू कुमारी, सीडब्ल्यूसी सदस्य विमलेंदु विश्वास सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें.
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