- 500 मीटर दूर कुएं के पानी से बुझती है 200 बच्चों की प्यास, 6 कमरों में चल रही आठवीं तक की पढ़ाई
Jamtara : जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जंगलपुर में बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर असर डाल रहा है. करीब 200 छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है. हालात ऐसे हैं कि बच्चों की प्यास बुझाने से लेकर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) तैयार करने तक के लिए स्कूल से लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक कुएं पर निर्भर रहना पड़ता है.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक परेश नाथ दुबे ने बताया कि स्कूल में पानी की भारी समस्या है. कुएं से मोटर के माध्यम से पानी लाकर हैंडवॉश यूनिट, बागवानी और एमडीएम में उपयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर और आसपास सामान्य बोरिंग कराने पर पानी नहीं निकलता है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि डीप बोरिंग कराए जाने पर ही स्थायी रूप से पानी उपलब्ध हो सकता है.

6 कमरों में आठवीं तक की पढ़ाई, कक्षाओं का संचालन प्रभावित
विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई मात्र 6 कमरों में संचालित हो रही है. कमरों की कमी के कारण बच्चों को कक्षावार बैठाना संभव नहीं हो पाता, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है. यही कमरे कंप्यूटर कक्षा, पुस्तकालय और कार्यालय के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं.प्रधानाध्यापक ने बताया कि अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
विद्यालय में पेयजल और अतिरिक्त कमरों जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से छात्रों और शिक्षकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में डीप बोरिंग कराकर स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अतिरिक्त कक्षों का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.


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