Jamtara News : चित्तरंजन रेलनगरी के स्ट्रीट नंबर-11 स्थित क्वार्टर नंबर 11बी में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बंद पड़े रेलवे क्वार्टर के अंदर पूजा घर के समीप नरकंकाल बरामद हुआ.
कंकाल की पहचान चिरेका (CLW) कर्मी प्रकाश चंद्र राउत राय (करीब 59 वर्षीय) के रूप में परिजनों ने की है. बताया जा रहा है कि प्रकाश वर्ष 2021 से लापता थे. उनके लापता होने को लेकर वर्ष 2023 में गुमशुदगी की डायरी भी दर्ज कराई गई थी.
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परिजनों के अनुसार, प्रकाश चंद्र राउत राय उक्त क्वार्टर में अकेले रहते थे. परिवार का स्थायी आवास रूपनारायणपुर में है. उनकी पत्नी फिलहाल अस्पताल में भर्ती है. मृतक के भतीजे सुप्रतिप राउत राय ने बताया कि परिवार क्वार्टर सरेंडर करने के सिलसिले में वहां पहुंचा था और 26 अप्रैल से आवास में रह रहा था.
सोमवार को क्वार्टर में रखी बाइक हटाने के दौरान नीचे हड्डियां दिखाई दीं. इसके बाद तत्काल चित्तरंजन थाना पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की. मौके पर एडीसीपी जावेद हसन, चित्तरंजन थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज शेख इस्माइल अली समेत पुलिस टीम मौजूद रही.
फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य और हड्डियों के नमूने एकत्र किए. पुलिस ने नरकंकाल को कब्जे में लेकर उसकी वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के बाद ही मृतक की पहचान और मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी.
पुलिस स्वाभाविक मौत समेत अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. वर्षों से लापता रेलकर्मी का कंकाल उसी क्वार्टर से मिलने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. अब पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि प्रकाश चंद्र राउत राय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनका शव इतने लंबे समय तक क्वार्टर के अंदर कैसे पड़ा रहा.

