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Jamtara News : मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल! एक ही मजदूर की फोटो कई मस्टर रोल में, 1,401 संदिग्ध फोटो चिह्नित

Jamtara News :विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 1,401 संदिग्ध तस्वीरें चिह्नित की गई हैं. इनमें सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि 376 संदिग्ध तस्वीरों को संबंधित प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) के लॉगिन से स्वीकार भी कर लिया गया.
 
सिंबॉलिक फोटो.
  • NMMS एप भी नहीं रोक सका गड़बड़ी
  • विभागीय निगरानी पर सवाल
  • डीडीसी ने दोषी कर्मियों की पहचान का दिया निर्देश

Jamtara News : जामताड़ा जिले में मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी का खेल उजागर हुआ है. नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर (NMMS) भी इन अनियमितताओं को रोकने में नाकाम साबित होता दिख रहा है. ग्रामीण विकास विभाग के डुप्लीकेट अटेंडेंस फ्रॉड डिटेक्शन डैशबोर्ड की जांच में एक ही मजदूर की तस्वीर का इस्तेमाल कई मस्टर रोल में हाजिरी दर्ज करने के लिए किए जाने का मामला सामने आया है.

 

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विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 1,401 संदिग्ध तस्वीरें चिह्नित की गई हैं. इनमें सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि 376 संदिग्ध तस्वीरों को संबंधित प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) के लॉगिन से स्वीकार भी कर लिया गया. वहीं 848 तस्वीरों को रिजेक्ट किया गया, जबकि 177 मामलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई.


फर्जीवाड़ा पकड़ाने के बाद भी 177 मामले लंबित

मामला सामने आने के बाद विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. यदि तकनीकी सिस्टम ने एक ही तस्वीर को अलग-अलग मस्टर रोल में चिह्नित कर लिया था, तो उसकी जांच क्यों नहीं की गई? 376 संदिग्ध तस्वीरों को अधिकारियों के स्तर से स्वीकार किए जाने और 177 मामलों पर कार्रवाई नहीं होने से यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि मनरेगा की हाजिरी की निगरानी वास्तव में कितनी गंभीरता से की जा रही थी.


डीडीसी ने कसा शिकंजा

मामला उजागर होने के बाद DDC ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी BDO को निर्देश जारी किया है. उन्होंने 24 घंटे के भीतर फर्जीवाड़े में शामिल कर्मियों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा है. साथ ही लंबित मामलों की तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.


NMMS की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल

NMMS एप को मनरेगा में फर्जी मजदूर, फर्जी हाजिरी और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने के लिए लागू किया गया था. मजदूरों की कार्यस्थल पर तस्वीर के माध्यम से उपस्थिति दर्ज किए जाने की व्यवस्था बनाई गई थी. ताकि कागज पर होने वाली फर्जी हाजिरी पर रोक लग सके. लेकिन एक ही मजदूर की तस्वीर का कई मस्टर रोल में इस्तेमाल होना और उनमें से सैकड़ों तस्वीरों का अधिकारियों के स्तर से स्वीकार किया जाना इस पूरी व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है.


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