- गर्भवती की मौत के बाद सदर अस्पताल में बवाल, हंगामा और तोड़फोड़
- डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए
- अस्पताल में सुरक्षा की मांग
- स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज बेहाल
- भाजपा जिला अध्यक्ष समेत 8 पर एफआईआर
Jamtara : जामताड़ा सदर अस्पताल में गर्भवती की मौत के बाद भड़के विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है. अस्पताल में सुरक्षा की मांग को लेकर सदर अस्पताल के डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी और सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठे कर्मचारी घटना में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने और अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि भय के माहौल में कार्य करना संभव नहीं है.
डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक अस्पताल परिसर में सुरक्षा की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, मरीजों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के कारण सदर अस्पताल की अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं. आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सहित लगभग सभी चिकित्सा सेवाएं बंद हैं. ऐसे में दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
मरीजों का कहना है कि वे लंबी दूरी तय कर और आर्थिक खर्च उठाकर अस्पताल आए. लेकिन हड़ताल के कारण उनका इलाज नहीं हो सका. ऐसे में मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है.
अस्पताल में पुलिस तैनात, समाधान की कोशिश जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. जिला प्रशासन स्वास्थ्य कर्मियों से वार्ता कर गतिरोध समाप्त करने का प्रयास कर रहा है. हालांकि कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं.
भाजपा जिला अध्यक्ष समेत आठ नामजद, कई अज्ञात भी आरोपी
इधर घटना के बाद सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद के लिखित आवेदन पर जामताड़ा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 सहित सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
प्राथमिकी में भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण, जिला महामंत्री कमलेश मंडल, भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष कुणाल सिंह, नगर अध्यक्ष प्रदीप रावत, भाजपा नेता आकाश साव, टिंकू साव, राज सोनकर तथा नगर पंचायत वार्ड संख्या-7 के पार्षद बच्चू शाव को नामजद आरोपी बनाया गया है.
इसके अलावा हंगामे में शामिल कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है. अस्पताल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के काम में बाधा उत्पन्न की गई और अस्पताल परिसर में भय व असुरक्षा का माहौल पैदा किया गया.
प्रबंधन का कहना है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है. पुलिस ने कहा है कि मामला दर्ज कर लिया है. साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
गर्भवती महिला की मौत के बाद हंगामा-तोड़फोड़
परिजनों का आरोप है कि 16 जुलाई को सदर अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया. लेकिन अस्पताल में समय पर इलाज नहीं किया गया. कुछ देर बाद हालात गंभीर होने पर महिला को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां ले जाने के दौरान रास्ते में ही महिला की मौत हो गई.
इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और प्रदर्शन किया.
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