Ranchi : झारखंड जनाधिकार महासभा ने JPSC में सामने आई कथित गड़बड़ियों और घोटालों पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से आंदोलन कर रहे छात्रों से तुरंत बातचीत करने की मांग की है. महासभा ने कहा कि हाल में सामने आए घटनाक्रम से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए.
महासभा ने कहा कि 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर CID जांच, छापेमारी, गिरफ्तारियां और JPSC अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है. संगठन का आरोप है कि JPSC में लंबे समय से गड़बड़ियां होती रही हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं किया.
महासभा ने दावा किया कि 14वीं JPSC परीक्षा में कई गंभीर सवाल सामने आए हैं. इनमें केवल 48 सवाल हल करने वाले अभ्यर्थी के चयन, 500 से अधिक OMR शीट में कथित गड़बड़ी, कटऑफ और OMR शीट सार्वजनिक नहीं करने, बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के चयन, निजी कंपनी को परीक्षा का ठेका देने और अधिकारियों व बिचौलियों की कथित मिलीभगत जैसे मुद्दे शामिल हैं.
महासभा ने कहा कि इस पूरे मामले की वजह से 14वीं JPSC मुख्य परीक्षा के साथ अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी स्थगित हो गई हैं. इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है.
संगठन ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द वार्ता शुरू करने और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है. साथ ही JPSC में पारदर्शिता बढ़ाने और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग की है.
महासभा ने सरकार के सामने कई मांगें भी रखी हैं. इनमें परीक्षा में गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी तय करने, नई स्थानीय और नियोजन नीति बनाने, आउटसोर्स कर्मियों का स्थायीकरण, आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन, ई-कल्याण छात्रवृत्ति जल्द जारी करने और स्कूल-कॉलेजों में लागू क्लस्टर सिस्टम को समाप्त करने की मांग शामिल है.
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