National News : CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले में आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हाई-पावर कमेटी के पुनगर्ठन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच के लिए गठित हाई-पावर कमेटी उसकी देखरेख में काम करेगी. कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी लंबित है, इसका निपटारा नहीं हुआ है. इसी क्रम में कहा कि हमें जजों के नामों का जिक्र किया जाना पसंद नहीं है.
दरअसल छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-पावर कमेटी के गठन पर चिंता जताई है. इस क्रम में सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच के समक्ष एक अर्जी का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन मामले में हाई-पावर कमेटी के संबंध में एक अर्जी दाखिल की गयी है. शंकरनारायणन ने बेंच से गुहार लगाई कि इस अर्जी को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाये. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे साजिशवाली अर्जी करार देते हुए बेंच से मांग की कि इसे मुख्य मामले के साथ ही लिस्ट किया जाना चाहिए.
.श्री मेहता ने उस अर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें आपके(कोर्ट) द्वारा बनाई गयी कमेटी का पुनर्गठन किये जाने की मांग की गयी है. अर्जी में कुछ नाम भी सुझाये गये हैं कि इन जजों को कमेटी की अध्यक्षता करनी चाहिए. य़ह जानकारी देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने तंज कसा,अदालत कोई राजनीतिक मंच नहीं है.
उन्होंने अर्जी पर आपत्ति जताई. इस पर बेंच ने शंकरनारायणन कीओर मुखातिब होकर कहा, हमें .इस पर शंकरनारायणन ने कहा. वह अर्ज़ी की बातों का जिक्र नहीं कर रहे हैं. कोर्ट इस पर कोई भी फ़ैसला ले सकता है. शंकरनारायणन ने कहा कि उन्होंने किसी नाम का जिक्र नहीं किया है. महज अर्ज़ी को लिस्ट करने की मांग की है.
वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मुख्य याचिकाकर्ता की ओर से दायर यह अर्ज़ी कई याचिकाकर्ताओं की आम चिंता को दर्शाती है, एक वकील ने चिंता जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता कमेटी के सदस्य नहीं हैं. इस पर बेंच ने पूछा कि याचिकाकर्ता कमेटी के सदस्य कैसे हो सकते हैं?
कहा कि कोई पक्षकार अपने ही मामले में जज नहीं बन सकता. प्शांत भूषण ने कहा कि कई याचिकाकर्ताओं को कमेटी को लेकर गंभीर संदेह हैं. इस पर श्री मेहता ने कहा, कुछ याचिकाकर्ता हर संस्था के बारे में हमेशा संदेह जताते हैं
जान लें कि 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यों की कमेटी बनाई थी. इसके अध्यक्ष पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी बनाये गये थे. वे हाई-पावर्ड इन्क्वायरी कमेटी (HPEC) के चेयरमैन भी हैं.
कमेटी के अन्य सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला, मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ एलआर बिश्नोई शामिल हैं.
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