सबस्टेशन से लेकर ट्रांसफारमर तक लोड की होगी मॉनेटरिंग
वितरण निगम केवाइसी के जरिये यह पता करेगा कि कौन उपभोक्ता किस क्षेत्र में है. किस सब स्टेशन, फीडर और ट्रांसफारमर से जुड़ा है. उपभोक्ता का लोड कितना है. फोन नंबर, पता आदि के साथ सारे डाटा को अपडेट किया जायेगा. ताकि भविष्य में किसी प्रकार की सूचना भी देनी हो तो उपभोक्ताओं तक मैसेज के माध्यम से सूचना दी जा सके. वितरण निगम इसके लिए एक एप तैयार करायेगा. एप के जरिये ही उपभोक्ताओं की केवाइसी करायी जायेगी.जो एजेंसी इच्छुक , उसे प्राथमिकता दी जाएगी
निगम के जीएम राजस्व शुभंकर झा ने बताया कि विभिन्न विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों के लिए केवाइसी प्रक्रिया को पूरा कराया जाना है. इनमें रांची के अलावा जमशेदपुर, धनबाद, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह और मेदिनीनगर क्षेत्र शामिल हैं. जो भी एजेंसी केवाइसी के लिए डाटा इंट्री के काम में इच्छुक हैं, उनके पास घर-घर जाकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, बिजली बिल, जनगणना, निर्वाचन कार्ड, निर्वाचन क्षेत्र में केवाइसी के डाटा इंट्री के काम का अनुभव होना चाहिये. कम से कम दो सालों का तजुर्बा इस फील्ड में होना चाहिए. निविदादाता द्वारा प्रतिवर्ष न्यूनतम एक लाख लोगों का इस क्षेत्र में डाटा इंट्री का अनुभव जरूरी होगा. इसके लिए संबंधित सरकारी या निजी कंपनी का प्रमाण पत्र लगाना होगा. श्री झा ने बताया कि केवाइसी से यह लाभ होगा कि वितरण निगम के पास तमाम उपभोक्ताओं का डाटा उपलब्ध होगा. ऐसे में कनेक्शन कहीं अन्यत्र ट्रांसफर करना हो तो यह भी आसानी से हो सकेगा. उपभोक्ताओं को भी इसका कई लाभ होगा. इसे भी पढ़ें - रांची:">https://lagatar.in/ranchi-not-only-electricity-and-water-in-the-assembly-but-assurances-of-big-matters-like-manhart-are-also-pending/">रांची:विधानसभा में बिजली-पानी ही नहीं मैनहर्ट जैसे बड़े मामले के आश्वासन भी लंबित [wpse_comments_template]

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