Ranchi : झारखंड आंदोलनकारी कैबिनेंट में मांग प्रस्ताव पारित नहीं होने से नाराज चल रहे हैं. इस दौरान झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक और प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने राज्य सरकार पर आंदोलनकारियों को लगातार झूठे आश्वासन देकर गुमराह करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सम्मान पेंशन और आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों व आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है.
महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री की मौजूदगी के बावजूद इस संबंध मं1 कोई प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं लाया गया. इससे आंदोलनकारियों में नाराजगी है. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के साथ पहले भी अन्याय हुआ है. जयपाल सिंह मुंडा का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य पुनर्गठन आयोग के दौरान उनके साथ छल हुआ था, जिससे झारखंड राज्य गठन की प्रक्रिया प्रभावित हुई.
महतो ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से 2026 तक सरकार केवल आश्वासन देती रही, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर आंदोलनकारी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक से बिरसा चौक तक जुटकर सामूहिक आत्मदाह करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलनकारियों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार होगी.
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