Ranchi : सरकार द्वारा रेंजर और ACF की नियुक्ति परीक्षा रद्द किये जाने से वन विभाग में अतिरिक्त प्रभार का दौर चल रहा है. पहले से अतिरिक्त प्रभार वाले अधिकारियों को फिर अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने रेंज ऑफिसर और ACF की नियुक्ति परीक्षा आयोजित की थी. लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी होने पर सरकार ने इसे रद्द कर दिया है.
आयोग में अब तक अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है. इससे रेंजर और ACF के पदों पर निकट भविष्य में नियुक्ति की कोई गंजाइश नजर नहीं आती है. ऐसे में वन विभाग का काम अतिरिक्त प्रभार के सहारे ही चलने की उम्मीद जतायी जा रही है.
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एकीकृत बिहार में रेंज ऑफिसरों का कुल 523 पद था. राज्य विभाजन के बाद झारखंड के हिस्से को 386 रेंज ऑफिसरों का पद मिला. राज्य में फिलहाल 386 के बदले सिर्फ 14 रेंज ऑफिसर कार्यरत हैं. इन पर कुल 386 फॉरेस्ट रेंज का दायित्व है.
इसी तरह फिलाहाल सिर्फ 12 ACF ही कार्यरत है. राज्य में कार्यरत रेंजर और ACF में कोई भी सीधी नियुक्ति से संबंधित नहीं है. सभी निचले स्तर से प्रोन्नत होकर इस पद तक पहुंचे हैं. अफसरों की कमी की वजह से विभाग ने कुछ रेंजर और ACF को अतिरिक्त प्रभार दिया है.
अतिरिक्त प्रभार का ब्योरा
| रेंजर | अतिरिक्त प्रभार वाले वन प्रमंडल |
| रेंजर बटेश्वर पासवान | राजपुर, चतरा वनरोपण और कुंदा फॉरेस्ट रेंज |
| ACF सुरेश राम | प्रतापपुर फॉरेस्ट रेंज |
| ACF रामबाबू कुमार | डोमचांच, सतगावां और कोडरमा वन रोपण |
| रेंजर सामियल मालतो | दुमका और शिकारीपाड़ सामाजिक वानिकी |
| ACF गायत्री देवी | विश्व खाद्य कार्यक्रम सिसई |
| ACF विमद कुमार | विश्व खाद्य कार्यक्रम, खरसावां |
| रेंजर जीतेंद्र प्रसाद सिंह | विश्व खाद्य कार्यक्रम चाईबासा |

