Ranchi: झारखंड अंगीभूत महाविद्यालय अनुबंध शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ ने आज सूचित किया कि वे आगामी 31 जुलाई 2025 से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन पर जाने वाले हैं. यह निर्णय संघ द्वारा किए गए धरना और विरोध प्रदर्शनों के 111 दिन बीत जाने के बाद लिया गया है क्योंकि इसका अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है.

संघ के सदस्यों का कहना है कि राज्य सरकार और राज्यपाल के आश्वासन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है. 3 जून 2025 इंटरमीडिएट की पढ़ाई सभी अंगीभूत महाविद्यालयों में बंद करने का आदेश जारी किया गया था लेकिन इसके बाद भी शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है.
संघ के अध्यक्ष जय मसीह तिग्गा ने बताया कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई प्रकार के विरोध प्रदर्शन किए हैं जिसमें यज्ञ, भजन, न्याय यात्रा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. इसके अतिरिक्त कई कर्मचारियों ने बेरोजगारी और आर्थिक संकट के कारण बूट पॉलिश, भिक्षाटन और पकौड़े तलने तक का काम किया है लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला.
संघ का कहना है कि अब वे राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन करने के लिए बाध्य हो गए हैं और यदि इस दौरान किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार, राज्यपाल और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
संघ ने वरीय पुलिस अधिकक्षक (रांची), उपायुक्त (रांची) और केंद्रिय मानव संसधान (विकास मंत्री, भारत सरकार) को सूचनार्थ सौंप कर इसकी जानकारी दी है. इसकी प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी और कोतवाली थाना प्रभारी को भी सौंपी है.
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