- – देशभर के शीर्ष 200 कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में पढ़ने का अवसर.
Jharkhand Education News : झारखंड के विद्यार्थियों को उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत आर्थिक मदद मिल रहा है. इस योजना के जरिए विद्यार्थियों को मात्र 4% के साधारण वार्षिक ब्याज दर पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है.
योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को सबसे पहले चिन्हित पात्र शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेना होता है. इसके बाद संस्थान से प्राप्त नामांकन प्रमाण और फीस स्ट्रक्चर से लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ 10वीं, 12वीं या डिप्लोमा के शैक्षणिक दस्तावेज और झारखंड का वैध स्थानीय निवास प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य है.
दस्तावेज सत्यापन के बाद जारी होगी राशि
पोर्टल पर आवेदन दर्ज होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग और लेंडिंग बैंक के स्तर से दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जाता है. सत्यापन पूरा होते ही बैंक और छात्र के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाते हैं. इसके बाद ऋण की राशि सीधे बैंक खाते में जारी कर दी जाती है.
प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने का मौका
इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, रिसर्च, प्रबंधन, फैशन और होटल मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. देश भर के शीर्ष 200 एनआईआरएफ रैंकिंग के कॉलेजों के अलावा राष्ट्रीय महत्व के सभी संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स, एनआईटी, एनआईएफटी, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट को सूचीबद्ध किया गया है. वहीं झारखंड के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, बीआईटी सिंदरी, एक्सआईएसएस और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी इसके अंतर्गत शामिल हैं.
पुराने महंगे एजुकेशन लोन से राहत
यदि किसी विद्यार्थी ने पहले से किसी बैंक से सामान्य व अधिक ब्याज दरों पर एजुकेशन लोन ले रखा है, तो वह भी इस योजना का लाभ उठा सकता है. इसके लिए छात्र को अपने पुराने लोन खाते को बंद कराकर संबंधित बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा. एनओसी पोर्टल पर जमा करने के बाद विद्यार्थी को 4% रियायती ब्याज दर पर नया ऋण स्वीकृत कर दिया जाता है.
राज्य से बाहर पढ़ने वाले स्थानीय छात्रों को भी लाभ
योजना के नियमों के तहत राज्य के ऐसे मूल निवासी छात्र भी लाभान्वित हो रहे हैं, जिन्होंने 10वीं या 12वीं की पढ़ाई राज्य से बाहर के मान्यता प्राप्त संस्थानों से पूरी की है. इसके साथ ही 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक डिप्लोमा उत्तीर्ण कर सीधे बीटेक या अन्य स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र भी शिक्षा ऋण के पात्र हैं.
एक साल बाद से चुकानी होगी किस्त
विद्यार्थियों पर अध्ययन के दौरान कोई आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए कोर्स पूरा होने के बाद एक वर्ष का मोरेटोरियम पीरियड (अतिरिक्त समय) निर्धारित है. यह अवधि समाप्त होने के बाद ही आसान मासिक किस्तों में ऋण की अदायगी शुरू करनी होती है.