Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड : दुर्गा पूजा में गहरा सकता है बिजली संकट, जानें वजह

Advertisement
Advertisement
  • सीसीएल, TTPS को नहीं दे रहा कोयला
  • कोयले का स्टॉक खत्म
  • सीसीएल दो के बदले एक ही रेक दे रहा है कोयला
  • मंगलवार को एक रेक भी नहीं मिला
Special correspondent Ranchi :  एक ओर जेबीवीएनएल दुर्गा पूजा के मौके पर राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी में जुटा है. वहीं दूसरी ओर पूजा में बिजली संकट गहराने के आसार बन रहे हैं. झारखंड सरकार की एक मात्र बिजली उत्पादन इकाई तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (TTPS) में कोयले का स्टॉक खत्म के कगार पर है. इसका कारण सीसीएल का टीटीपीएस को नियमित तौर पर कोयले की आपूर्ति नहीं करना है. जानकारी के अनुसार, तेनुघाट को चलाने के लिए हर दिन दो रेक कोयले की जरुरत होती है. लेकिन विगत 15 दिनों से सीसीएल केवल एक ही रेक कोयले की आपूर्ति कर रहा है. मंगलवार को मांग के बावजूद सीसीसीएल ने TTPS को कोयला नहीं दिया. इसके पीछे की वजह सीसीएल में कोयले का कम उत्पादन बताया जा रहा है. (पढ़ें, कच्चे">https://lagatar.in/crude-oil-price-rises-crosses-91-per-barrel-petrol-and-diesel-become-costlier-by-22-paise-in-jharkhand/">कच्चे

तेल के दाम में उबाल, 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची, झारखंड में 22 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल)
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/10/ba729f85-f937-4238-be41-490d0c0be4e8.jpg"

alt="" width="1249" height="708" />

केवल टीटीपीएस को कोयले की आपूर्ति नहीं कर रहा सीसीएल-प्रबंधन

सीसीएल में कोयले का कम उत्पादन की बात को टीटीपीएस प्रबंधन गलत मान रहा है. प्रबंधन का कहना है कि सीसीएल सभी को कोयले की आपूर्ति तो कर रहा है. लेकिन टीटीपीएस को नहीं. दुर्गा पूजा और आगामी पर्व-त्योहार को देखते हुए दो रेक कोयले की आपूर्ति को लेकर बार-बार सीसीएल प्रबंधन को पत्र लिखा जा रहा है. इसके बावजूद 15 दिनों से दो के बदले एक ही रेक कोयले की आपूर्ति की जा रही है. वहीं मंगलवार को सीसीएल ने वह भी नहीं दिया.

सीसीएल का टीटीपीएस पर करीब 1400 करोड़ का बकाया

मिली जानकारी के अनुसार, सीसीएल का टीटीपीएस पर करीब 1400 करोड़ का बकाया हो गया है. यही कारण है कि सीसीएल, टीटीपीएस को कोयले देने में आना-कानी कर रहा है. सीसीएल एक माह में करीब 45-46 रेक कोयले की आपूर्ति करता है, जिसका बिल करीब 50 करोड़ होता है. मगर सीसीएल को नियमित तौर पर बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-bike-collides-with-cart-two-injured/">बहरागोड़ा

: बाइक ने ठेले में मारी जोरदार टक्कर, दोनों घायल

अभी दोनों यूनिट से हो रहा है उत्पादन, मगर कोयला नहीं मिला तो ठप हो सकता है उत्पादन

अभी टीटीपीएस के दोनों यूनिट से बिजली उत्पादन हो रहा है. यूनिट नंबर एक से 70 मेगावाट, वहीं यूनिट नंबर दो से करीब 155 मेगवाट. चूंकि यह झारखंड का अपना पावर प्लांट है, इसलिए यह बिजली सेंट्रल पावर एक्सचेंज से सस्ती होती है. मगर नियमित भुगतान नहीं होने के कारण सीसीएल हमेशा ही नियमित कोयले की आपूर्ति नहीं करता है.

क्या कहते हैं एमडी

टीटीपीएस के एमडी अनिल शर्मा ने बताया कि कई बार सीसीएल को पत्र लिखा गया है. मगर वह प्लांट को नियमित और मांग के अनुरूप कोयला नहीं दे रहा है. अगर कोयले की आपूर्ति की यही स्थिति रही तो पर्व-त्योहार में बिजली उत्पादन में दिक्कतें आ सकती हैं. इसे भी पढ़ें : नूतन">https://lagatar.in/nutan-bazaar-electrical-decoration-of-durga-puja-committees-pandal-center-of-attraction-and-two-news-from-chakulia/">नूतन

बाजार दुर्गा पूजा कमेटी के पंडाल की विद्युत सज्जा आकर्षण का केंद्र समेत चाकुलिया की दो खबरें
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही