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Exclusive: साइबर क्राइम की कार्रवाई में झारखंड की किरकिरी, देश में 30वां स्थान, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

Ranchi News : आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड को CIAR के तहत कुल 13,198 शिकायतें मिली हैं. इनमें 10,662 शिकायतों का निपटारा हुआ है, जबकि 1,266 लंबित हैं और 1,270 शिकायतें अब भी प्रक्रिया में हैं. राज्य की रिस्पांस रेट 80.78 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.49 फीसदी है. शिकायतों के जवाब की गुणवत्ता भी महज 75.86 फीसदी दर्ज की गई है. यानी शिकायतों का जवाब देने की गति और उसकी गुणवत्ता, दोनों मोर्चों पर झारखंड राष्ट्रीय औसत से पीछे है.
 
झारखंड पुलिस मुख्यालय
  • पुलिस मुख्यालय ने SP-SSP की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

Ranchi News : साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच झारखंड पुलिस की कार्यशैली और शिकायतों के निपटारे की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं. केंद्र सरकार के प्रगति पोर्टल से जुड़े CIAR के राज्यवार आंकड़ों ने झारखंड पुलिस की तैयारियों की तस्वीर सामने रख दी है. 21 अक्टूबर 2026 तक जारी आंकड़ों में झारखंड 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में 30वें स्थान पर है. इस खराब प्रदर्शन को लेकर पुलिस मुख्यालय ने जिलों के एसपी और एसएसपी की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है.

 

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आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड को CIAR के तहत कुल 13,198 शिकायतें मिली हैं. इनमें 10,662 शिकायतों का निपटारा हुआ है, जबकि 1,266 लंबित हैं और 1,270 शिकायतें अब भी प्रक्रिया में हैं. राज्य की रिस्पांस रेट 80.78 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.49 फीसदी है. शिकायतों के जवाब की गुणवत्ता भी महज 75.86 फीसदी दर्ज की गई है. यानी शिकायतों का जवाब देने की गति और उसकी गुणवत्ता, दोनों मोर्चों पर झारखंड राष्ट्रीय औसत से पीछे है.

 

नौ बिंदुओं पर एसपी-एसएसपी को समीक्षा का निर्देश

खराब प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को अपने-अपने स्तर पर समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है. MRM, GRM, CIAR और जागरूकता कार्यक्रमों समेत सभी नौ बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. जिलों को लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करने और जवाब देने की प्रक्रिया में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है. पुलिस मुख्यालय जल्द ही इन सभी बिंदुओं पर जिलावार समीक्षा करेगा.

 

पीएम की समीक्षा बैठक से पहले बढ़ी चिंता

नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रगति पोर्टल की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है. इसमें विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, गृह विभाग के सचिव, डीजीपी और झारखंड के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक से पहले झारखंड पुलिस मुख्यालय जिलों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर है. राज्य की खराब रैंकिंग को देखते हुए सभी एसपी-एसएसपी को तत्काल समीक्षा कर सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं.

 

झारखंड में 2026 के 10 साइबर अपराध केस स्टडी

 

1. रांची: तीन लोगों से 18.68 लाख रुपये की ठगी

25 जुलाई 2026 को रांची में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए. शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 9.80 लाख, टेलीग्राम पर मुनाफे का लालच देकर 2.77 लाख और विदेशी डॉलर भेजने के नाम पर 6.11 लाख रुपये की ठगी हुई. तीनों मामलों में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई.

 

2. गढ़वा: रिटायर्ड डॉक्टर से 38.62 लाख की ठगी

13 मार्च 2026 को झारखंड CID ने गढ़वा के सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट कर 38,62,982 रुपये की ठगी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों की गिरफ्तारी जमशेदपुर के घाटशिला और कदमा से हुई.


3. गिरिडीह: 26 साइबर ठगी के मामलों में वांछित आरोपी गिरफ्तार

17 फरवरी 2026 को गिरिडीह पुलिस ने रमेश मंडल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार रमेश मंडल के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी के 26 मामले दर्ज थे. आरोपी फर्जी बैंक APK फाइल भेजकर लोगों को ठगते थे.


4. देवघर: साइबर ठगी के आरोप में दो गिरफ्तार

17 फरवरी 2026 को देवघर के पथरड्डा क्षेत्र में पुलिस ने दो साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों पर बैंक अधिकारी और कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन से ठगने का आरोप था. दो मोबाइल और तीन सिम बरामद हुए.

 

5. उत्तरी छोटानागपुर: 57 साइबर आरोपी गिरफ्तार

20 फरवरी 2026 को झारखंड पुलिस ने उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया. 1 अक्टूबर 2025 से 16 फरवरी 2026 के बीच संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के बाद 15 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए. पुलिस ने 132 मोबाइल, 168 सिम, 31 एटीएम कार्ड और 4.67 लाख रुपये नकद बरामद किए.


6. बोकारो और गिरिडीह: फर्जी बैंक APK से ठगी का नेटवर्क

18 फरवरी 2026 को पुलिस ने बोकारो और गिरिडीह से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क के पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी. गिरिडीह में तीन आरोपी पकड़े गए. इनमें एक आरोपी के खिलाफ 26 साइबर ठगी के मामले दर्ज होने की बात सामने आई.

 

7. जामताड़ा: ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी

21 सितंबर 2026 को जामताड़ा के करमाटांड़ क्षेत्र में साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपी व्हाट्सऐप पर फर्जी ई-चालान APK भेजकर लोगों के मोबाइल से गोपनीय जानकारी हासिल करते थे. पुलिस ने चार मोबाइल और तीन सिम बरामद किए.

 

8. देवघर और जामताड़ा: 14 साइबर अपराधी गिरफ्तार

19 सितंबर 2026 को पुलिस ने दोनों जिलों में अलग-अलग छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया. देवघर में 10 और जामताड़ा में चार आरोपी पकड़े गए. फर्जी APK, गैस बिल अपडेट, बैंक KYC और कस्टमर केयर के नाम पर ठगी करने का आरोप था. जामताड़ा से 2.20 लाख रुपये नकद, 13 मोबाइल और 13 सिम बरामद हुए.

 

9. देवघर: ई-कॉमर्स कस्टमर केयर बनकर ठगी, दो भाई गिरफ्तार

11 अक्टूबर 2026 को देवघर पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया. आरोप था कि वे ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगते थे. पुलिस ने तीन मोबाइल और तीन सिम जब्त किए. उनके मोबाइल नंबरों और IMEI से दूसरे राज्यों की साइबर शिकायतों के तार मिले.

 

10. रामगढ़ और जमशेदपुर: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर 4-5 करोड़ की ठगी

31 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए. पुलिस के अनुसार गिरोह सात महीने से ऑनलाइन गेमिंग में कम निवेश पर बड़ा मुनाफा देने का झांसा देकर करीब चार से पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था. बिरसानगर के किराये के मकान में मिनी कंट्रोल रूम चलाया जा रहा था.

 

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