Ranchi: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत केंद्र सरकार की ओर से झारखंड को पिछले 6 महीने से राशि नहीं मिली है. नगरीय प्रशासन निदेशालय (डीएमए) के सूत्रों के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष में केंद्र से राशि नहीं आयी है. उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के बाद केंद्र से राशि मिलेगी. विभाग सितंबर अंत तक इसे केंद्र को भेज देगा. अक्टूबर तक केंद्र से राशि मिलेगी. वहीं डीएमए निदेशक आदित्य आनंद का कहना है कि योजना में फंड की कोई दिक्कत नहीं है. केंद्र से राशि नहीं मिलने की बात से उन्होंने इनकार किया है. इसे भी पढ़ें – लातेहार:">https://lagatar.in/latehar-zamindoj-a-health-center-useful-during-the-corona-period-was-eaten-by-termites-of-corruption/">लातेहार:
कोरोना काल में काम आने वाला स्वास्थ्य केंद्र जमींदोज, भ्रष्टाचार की दीमक ने खाया
और बिहार में नक्सल विरोधी अभियान होगा तेज [wpse_comments_template]
कोरोना काल में काम आने वाला स्वास्थ्य केंद्र जमींदोज, भ्रष्टाचार की दीमक ने खाया
केंद्र से राज्य को अबतक मिले हैं 2520 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत झारखंड में 453 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. राज्य में स्वीकृत आवासों को बनाने में 11635 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अभी तक राज्य के लिए 3691 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जबकि 2520 करोड़ रुपये रिलीज किये गये हैं. 2015 से अबतक केंद्र ने झारखंड में 234544 आवासों के निर्माण की स्वीकृति दी है. इनमें से 211967 अब भी इनकंप्लीट हैं. 113214 आवास कंप्लीट हो चुके हैं.अभी भी शुरू नहीं हो सका है 56751 आवास का निर्माण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सभी बेघरों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. साल खत्म होने में सिर्फ तीन महीने बचे हुए हैं, लेकिन झारखंड में अभी भी 56751 आवास का निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया है. वहीं 72,702 आवास अधूरे हैं. निदेशालय लगातार लाभुकों को आवास कंप्लीट करने का निर्देश दे रहा है. पैसे लेकर आवास नहीं बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. फिर भी अबतक आवास निर्माण में तेजी नहीं आई है. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/anti-naxal-campaign-will-intens-lagatarify-in-jharkhand-and-bihar/">झारखंडऔर बिहार में नक्सल विरोधी अभियान होगा तेज [wpse_comments_template]
Leave a Comment