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झारखंड पर 47 हजार करोड़ का बर्डन, हम भी बिहार की तर्ज पर महिलाओं के लिए मांगेंगे 10 हजार: वित्त मंत्री

  • राज्य के आंतरिक संसाधन को करेंगे मजबूत
  • लगातार न्यूज ने भी बजट पूर्व संगोष्ठी में दिए अहम सुझाव

Ranchi : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि झारखंड पर 47 हजार करोड़ रूपए का बर्डन आ रहा है. मंईयां सम्मान सहित अन्य जनकल्याणकारी योजना के लिए हम अपने आंतरिक संसाधनों को मजबूत करेंगे.

 

मंईयां सम्मान योजना में प्रति वर्ष 51 लाख महिलाओं को 13500 करोड़ रुपए दे रहे हैं. वित्त मंत्री बजट पूर्व संगोष्ठी में शुक्रवार को मीडिया से भी सुझाव ले रहे थे.

 

इसमें लगातार न्यूज ने भी रोजगार के लिए स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने, खेल कूद में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने सहित कई अन्य सुझाव दिया. 

 

जीएसटी भारत सरकार का हितधारक है

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी भारत सरकार का हितधारक है. इसमें हर महीने 300 से सवा 325 करोड़ का लॉस हो रहा है. 12 महीने में लगभग 4000 करोड़ का लॉस हो रहा है. 2019-20 से 2025-26 तक यानि सात साल में हर साल स्टेट शेयर में कमी की जा रही है.

 

सात साल में स्टेट शेयर एक लाख छह हजार 588 करोड़ होता है. जिसमें से 68 हजार 736 करोड़ रुपए ही मिले हैं. मनरेगा में जो पहले 90-10 का अनुपात था, उसे अब 60-40 कर दिया गया है. 282 रुपए प्रतिदिन मजदूरी के हिसाब से झारखंड में करीब 14100 करोड़ रुपए होता.

 

इससे झारखंड पर 5500 करोड़ का बर्डन आ जाएगा. हम भी बिहार के तर्ज पर महिलाओं के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपए मांगेंगे. जिससे राज्य की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधर सके. साथ ही वे रोजगार भी कर सकें.

 

इन विभागों से सुझाव प्राप्त हुआ

वित्त मंत्री ने बताया कि अबुआ दिशोम बजट के लिए कृषि, जलसंसाधन, वन, ग्रामीण विकास, नगर विकास, पथ, उद्योग, खान, पर्यटन, श्रम, भू राजस्व, परिवहन, वाणिज्यकर, उत्पाद, खाद् आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, जनजातीय कल्याण और महिला विभाग से भी सुझाव प्राप्त हुए. इसमें सबसे अधिक जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दिया गया.

 

कमजोर वर्ग की आर्थिक उन्नति पर फोकस किया है. प्रशासनिक सुधार के भी सुझाव आए. शिक्षा में बुनियादी परिवर्तन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्वस्था का विकास, फसलों के उत्पादन दर में वृद्धि के भी अहम सुझाव दिए गए. 

 

पीडीएस में अनाज के साथ अंडा देने का भी सुझाव

वित्त मंत्री ने बताया कि पीडीएस के तहत पांच किलो प्रति व्यक्ति अनाज दिया जा रहा है. इसमें दाल और अंडा को भी शामिल करने का सुझाव दिया गया. लेकिन झारखंड में इतना अंडा का उत्पादन नहीं होता है. जमीन पर सोचा जा रहा है कि फलदायक बजट हो.

 

80 हजार हेक्टेयर में माइनिंग कंपनियों ने काम किया

वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड के 80 हजार हेक्टेयर में माइनिंग कंपनियों से लाभ लिया है. लेकिन सीएसआर के तहत काम नहीं किया. राजस्व सचिव को कहा गया है कि अब तक झारखंड के जमीन से कितना लाभ लिया। इसके बाद हमलोग दावा करेंगे.

 

लगातार न्यूज की ओर से दिए गए सुझाव

लगातार न्यूज ने बजट पूर्व संगोष्ठी में रिसोर्स को बढ़ाने का सुझाव दिया. ताकि आय का स्त्रोत बढ़ सके. इसके साथ स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके.

 

जो भी स्किल डेवलपमेंट के प्रोग्राम चल रहे हैं, उसे और बेहतरीन तरीके से संचालित करने का सुझाव दिया. राज्य में खेलकूद की सुविधाओं को बढ़ाने का सुझाव दिया, जिससे खिलाडियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके.

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