Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Jharkhand News: JUT में 20.10 करोड़ की कथित अवैध वसूली, राष्ट्रपति से की गई शिकायत

झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT) रांची के कुलपति प्रो. डॉ. डी. के. सिंह, प्रभारी कुलसचिव निशांत कुमार और प्लेसमेंट इंचार्ज राम सिंह पर लगभग 20.10 करोड़ की कथित अवैध धनउगाही और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
Advertisement
Advertisement
झारखंड की खबरें
  • कुलपति समेत तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप

Ranchi: झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT) रांची के कुलपति प्रो. डॉ. डी. के. सिंह, प्रभारी कुलसचिव निशांत कुमार और प्लेसमेंट इंचार्ज राम सिंह पर लगभग 20.10 करोड़ की कथित अवैध धनउगाही और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. 


यह आरोप शिकायतकर्ता कुमार पंकज आनंद द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य सक्षम अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में लगाए गए हैं. शिकायत में पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है. इस मामले में राष्ट्रपति से शिकायत की गई है. 

 

इसे भी पढ़ें:

क्या है आरोप?

शिकायत के अनुसार, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने रांची (लालपुर) स्थित निजी संस्था TechSkills India के साथ कथित मिली-भगत कर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों पर "40 Hours Industry Ready Certification Program" में शामिल होने का दबाव बनाया.

 

आरोप है कि इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक छात्र से 3,000 शुल्क जमा करने को कहा गया. शिकायत में दावा किया गया है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 67,000 छात्रों (करीब 39,000 डिप्लोमा एवं 28,000 बी.टेक छात्र) से यह राशि वसूली जाती तो कुल ₹20,10,00,000 (20 करोड़ 10 लाख रुपये) की वसूली होती.

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक सरकारी विश्वविद्यालय ने बिना किसी ओपन टेंडर प्रक्रिया के निजी संस्था का व्यावसायिक प्रचार किया, जो नियमों के विपरीत है.

 

गरीब और छात्रवृत्ति पर निर्भर छात्रों पर असर का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा e-Kalyan सहित अन्य छात्रवृत्तियों पर निर्भर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर पड़ा. आरोप है कि छात्रों पर मानसिक दबाव बनाते हुए 10 जुलाई 2026 दोपहर 2 बजे तक पंजीकरण एवं भुगतान करने की समय-सीमा तय की गई थी.

 

स्पष्टीकरण में विरोधाभास का आरोप


शिकायत के अनुसार, छात्र संगठनों के विरोध के बाद 10 जुलाई 2026 को JUT प्लेसमेंट सेल ने एक स्पष्टीकरण ईमेल जारी किया.

शिकायतकर्ता का दावा है कि उस ईमेल में एक ओर पहले जारी ₹3,000 शुल्क वाले ईमेल को "Fake" (फर्जी) बताया गया, जबकि दूसरी ओर उसी कार्यक्रम को "Optional" (वैकल्पिक) बताते हुए उसका उल्लेख किया गया.

शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि पूर्व का ईमेल वास्तव में फर्जी था, तो उसी कार्यक्रम को वैकल्पिक बताने की आवश्यकता क्यों पड़ी. शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि विश्वविद्यालय का आधिकारिक लोगो दुरुपयोग हुआ था, तो संबंधित अधिकारियों ने अब तक पुलिस में एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई.

 

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें

  • शिकायत में सरकार एवं राजभवन से निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
  • पूरे मामले की CBI अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराई जाए.
  • जांच पूरी होने तक कुलपति, प्रभारी कुलसचिव और प्लेसमेंट इंचार्ज को निलंबित किया जाए.
  • TechSkills India के साथ किसी भी प्रकार के करार या व्यावसायिक गतिविधि पर तत्काल रोक लगाया जाए.
  • जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय, दीवानी एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही