Ranchi : आज झारखंड की विद्युत व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है. 220 केवी दुमका–गोविंदपुर ट्रांसमिशन लाइन के एक सर्किट के LILO का सफलतापूर्वक चार्जिंग कार्य पूर्ण हो गया है. इस महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से JUSNL अब NKTL (Adani) से लगभग 450 मेगावाट तक विद्युत प्राप्त करने में सक्षम हो गया है, जिससे पूरे राज्य की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अत्यधिक मजबूती मिलेगी.
वर्तमान में इस लाइन के माध्यम से डुमका क्षेत्र को लगभग 103 मेगावाट और गोविंदपुर GSS को लगभग 80 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है. इस ट्रांसमिशन लाइन की पूर्ण क्षमता से संचालन होने पर JUSNL 450 मेगावाट तक बिजली प्राप्त कर सकेगा, जिससे राज्य में चल रही भीषण गर्मी एवं पीक लोड के दौरान उत्पन्न हो रही लोड शेडिंग एवं विद्युत संकट की समस्या में भारी राहत मिलेगी.
इस महत्वपूर्ण परियोजना के चालू होने से दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो सहित कई जिलों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा. इसके माध्यम से गोविंदपुर GSS, चंदनकियारी GSS, जैनामोड़ GSS, दुमका GSS, महारो GSS, पाकुड़ GSS, साहिबगंज GSS, लालमटिया GSS, अमड़ापाड़ा GSS, जसीडीह GSS, गिरिडीह GSS, देवघर GSS, बरहेट GSS एवं सरिया GSS जैसे महत्वपूर्ण ग्रिड सबस्टेशनों को मजबूत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी.
विशेष रूप से दुमका, धनबाद एवं बोकारो जिलों में पिछले कुछ समय से अत्यधिक विद्युत संकट एवं लोड शेडिंग की समस्या बनी हुई थी, जो इस लाइन के चालू हो जाने से काफी हद तक दूर हो जाएगी. यह उपलब्धि राज्य के विद्युत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे आम जनता, उद्योगों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा.
इस महत्वपूर्ण कार्य की सफलता JUSNL के अधिकारियों, अभियंताओं, साइट टीम एवं सभी संबंधित एजेंसियों की अथक मेहनत, समर्पण एवं उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है. उनके निरंतर प्रयासों ने झारखंड की विद्युत व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है.
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