Ranchi: झारखंड में 'स्टार्टअप झारखंड' और 'स्टार्टअप इंडिया' के नाम पर कुछ निजी संस्थाओं द्वारा फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि ये निजी कंपनियां सरकारी नामों और प्रतीकों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं. ये संस्थाएं युवाओं और उद्यमियों से कार्यक्रमों के नाम पर अवैध रूप से पंजीकरण और स्टॉल शुल्क वसूल रही हैं, जबकि सरकार ऐसे आयोजनों के लिए खुद वित्तीय सहायता देती है.
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रथिन भद्र ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और सीआईडी (CID) को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि बिना सरकारी अनुमति के आधिकारिक पहचान का उपयोग करना एक बड़ा साइबर अपराध है. इससे राज्य के संवेदनशील स्टार्टअप माहौल और निवेशकों के भरोसे को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
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