Ranchi News : झारखंड में आयुष्मान कार्ड और डिजिटल हेल्थ सेवाओं को तेजी से बढ़ाने की तैयारी है. मंगलवार को एनएचएम सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के CEO डॉ. सुनील बरनवाल ने आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन की समीक्षा की.
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बैठक में राज्य के सभी 24 जिलों के अधिकारियों से कार्ड बनाने की प्रगति की जानकारी ली गई. अधिकारियों को पात्र लोगों की पहचान कर आयुष्मान और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड जल्द बनाने का निर्देश दिया गया.
70 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को चिन्हित कर वय वंदना कार्ड देने पर भी विशेष जोर दिया गया. आशा कार्यकर्ता, सहिया, सेविका और सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड बनाने को भी प्राथमिकता देने को कहा गया.
बैठक में आभा कार्ड बनाने की जिला-वार स्थिति की भी समीक्षा हुई. सभी 24 जिलों में आभा कार्ड निर्माण की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया गया. OTP नहीं मिलने पर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया.
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी स्वास्थ्यकर्मियों और संस्थानों का 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराने का लक्ष्य रखा है. दवा दुकानों को भी स्वास्थ्य संस्थान के रजिस्ट्रेशन से जोड़ने की तैयारी है.
अधिकारियों को डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के प्रशिक्षण को भी समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया. वहीं, HMIS और राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय के बीच एकीकरण 31 अगस्त तक पूरा करने को कहा गया.
निजी अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने और 30 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय के जरिए क्लेम की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया. सरकार का लक्ष्य है कि आयुष्मान और डिजिटल स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे.
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