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Jharkhand News: जेलों में डॉक्टरों की भारी कमी, 43 में से 42 पद खाली

झारखंड की जेलों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थति बदतर होती जा रही है. राज्य की जेलों में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण कैदियों को बेहतर इलाज मिलना मुश्किल हो गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य की जेलों में डॉक्टरों के कुल 43 पद स्वीकृत हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 42 पद खाली पड़े हैं.
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  • राज्य में 6 केंद्रीय जेल, 16 जिला जेल और 6 उप-जेल संचालित

Ranchi : झारखंड की जेलों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थति बदतर होती जा रही है. राज्य की जेलों में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण कैदियों को बेहतर इलाज मिलना मुश्किल हो गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य की जेलों में डॉक्टरों के कुल 43 पद स्वीकृत हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 42 पद खाली पड़े हैं. 

 

वर्तमान में केवल एक डॉक्टर के भरोसे ही जेलों की चिकित्सा व्यवस्था टिकी हुई है. हाईकोर्ट ने राज्य के जेल में डॉक्टर की कमी पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदलते हुए मामले को चीफ जस्टिस के पास भेज दिया है.

 

झारखंड में इस समय रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर, दुमका और गिरिडीह में 6 केंद्रीय जेल के अलावा 16 जिला जेल और 6 उप-जेल संचालित हैं. इन सभी केंद्रों पर कैदियों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एक व्यापक चिकित्सा ढांचे की आवश्यकता होती है.

 

डॉक्टरों के लगभग 97 प्रतिशत पद रिक्त होने के कारण, बीमार कैदियों को प्राथमिक और त्वरित उपचार प्रदान करने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं. हालांकि, गंभीर स्थितियों में कैदियों को स्थानीय सरकारी अस्पतालों और रिम्स जैसे उच्च संस्थानों में रेफर किया जाता है, लेकिन वहां ले जाने की सुरक्षा प्रक्रिया और समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है.


वर्तमान परिस्थितियों में, जेलों के भीतर स्वास्थ्य प्रणाली को पुनः सक्रिय करने के लिए स्थायी नियुक्तियों पर विचार करना आवश्यक हो गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन रिक्तियों को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि कैदियों को मिलने वाली बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें.

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