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Jharkhand News : भू-माफिया के आतंक से निपटने के लिए तैयार SOP मुख्यमंत्री के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया

गृह विभाग ने भू-माफिया द्वारा जमीन पर किये जा रहे अवैध कब्जे को रोकने के लिए SOP को अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है. मुख्यमंत्री की सहमति के बाद इससे संबंधित संकल्प जारी कर दिया जायेगा.
 

Ranchi :   गृह विभाग ने भू-माफिया द्वारा जमीन पर किये जा रहे अवैध कब्जे को रोकने के लिए SOP को अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है. मुख्यमंत्री की सहमति के बाद इससे संबंधित संकल्प जारी कर दिया जायेगा. SOP बनाने का काम हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर शुरू किये गये मामले में दिये गये आदेश के आलोक में किया गया है. वर्ष 2020 में भी हाईकोर्ट के आदेश पर भू-राजस्व विभाग ने SOP बनाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी. इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये थे.

 

 

हाईकोर्ट ने जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की. मुख्य न्यायाधीश एसएम सोनक और राजेश शंकर की पीठ ने जमीन पर अवैध कब्जो को गंभीर मुद्दा माना और SOP बनाने का निर्देश दिया. इसके आलोक में सरकार की ओर से एक ड्राफ्ट SOP कोर्ट में पेश किया गया. न्यायालय ने सरकार को SOP लागू करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया. इस निर्देश के आलोक में गृह विभाग ने SOP को अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री के पास भेजा है.

 

उल्लेखनीय है कि राज्य में भू-माफिया द्वारा जमीन पर किये जा रहे अवैध कब्जे को रोकने के लिए SOP बनाने का निर्देश देने का यह दूसरा मामला है. इससे पहले हाईकोर्ट के न्यायाधीश कैलाश प्रसाद देव की पीठ ने जमीन कब्जे को रोकने के लिए SOP बनाना का आदेश दिया था. न्यायालय ने यह आदेश बोकारो जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के सिलसिले में गिरफ्तार चंद्रदीप की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था. न्यायालय के इस आदेश के आलोक में भू-राजस्व विभाग ने 19 अक्टूबर 2020 को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इसमें मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रधान सचिव विधि विभाग, प्रधान सचिव वन विभाग और भू-राजस्व सचिव शामिल हुए थे.

 

उच्च स्तरीय बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण फैसले

  • - सभी प्रतिबंधित सूची की सरकारी जमीन, वनभूमि के ब्योरे को NGDRS पर अपलोड करना है. इससे जमीन की अवैध खरीद बिक्री नहीं होगी.
  • - राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए अर्जित और मालिकाना हक वाली जमीन का ब्योरा उपायुक्त के माध्यम से NGDRS पर अपलोड किया जाये.
  • - वन प्रमंडल पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाले सभी प्रोटेक्टेड और रिजर्व फारेस्ट की जमीन का ब्योरा NGDRS पर अपलोड किया जाये.
  • - राज्य सरकार के सभी विभागों के मालिकाना हक वाली जमीन पर बोर्ड लगाना सुनिश्चित किया जाये.
  • - विभिन्न जिलों में सरकारी जमीन पर कब्जा, खरीद बिक्री, अतिक्रमण आदि से संबंधित मामलों का निपटारा जल्द किया जाये.
  • - जमीन के दस्तावेज की सुरक्षा के लिए रेकार्ड रूम के काम काज को सुदृढ़ किया जाये.

 

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