Ranchi : शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, झारखंड के क्लस्टर सिस्टम और सीबीएसई की मार्किंग प्रणाली के विरोध में शुक्रवार को आइसा (AISA) समेत कई छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया. छात्रों ने सड़क पर उतरकर करीब दो घंटे तक चक्का जाम किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बता दें की आज चक्का जाम प्रदर्शन पूरे राज्य में हुआ.
नीट पेपर लीक को लेकर फूटा गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है. उनका आरोप है कि NEET UG परीक्षा में पेपर लीक होने से 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. छात्रों ने यह भी कहा कि झारखंड सीजीएल समेत कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं भी पेपर लीक की शिकार हो चुकी हैं.
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एनटीए (NTA) के तहत अब तक 89 से ज्यादा पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं. छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाए.
छात्रों की आत्महत्या पर चिंता
छात्र संगठनों ने कहा कि परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े तनाव के कारण बड़ी संख्या में छात्र मानसिक दबाव में हैं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस दबाव के चलते अब तक 94 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2026 में ही 14 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब उन्हें केवल सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है.
झारखंड के क्लस्टर सिस्टम का विरोध
प्रदर्शन का दूसरा बड़ा मुद्दा झारखंड सरकार द्वारा लागू किया जा रहा ‘कॉलेज क्लस्टर सिस्टम’ रहा. छात्र संगठनों ने इसे छात्र विरोधी और शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला कदम बताया.
छात्रों का कहना है कि इस व्यवस्था से छोटे कॉलेजों पर संकट आएगा, स्थानीय भाषाओं की पढ़ाई और शोध कार्य प्रभावित होंगे और ड्रॉपआउट की समस्या बढ़ेगी. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने क्लस्टर सिस्टम पर निर्णय लेने से पहले छात्र प्रतिनिधियों से कोई राय नहीं ली.
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर भी सवाल
छात्रों ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को भी विवादित बताते हुए पारदर्शिता की मांग की. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिका और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने वाले छात्रों की आवाज दबाई जा रही है.
युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा.
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