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Jharkhand News : फार्मेसी काउंसिल में बगैर वेतन काम करने वालों के पास भी बाउंसर

झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में वैसे लोगों के पास भी बाउंसर है, जिन्हें वेतन भत्ता नहीं मिलता. इसमें काउंसिल के रजिस्ट्रार सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. काउंसिल के रजिस्ट्रार प्रशांत पांडेय का मामला पहले से ही विवादित है. अब काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए पैसा लेने का आरोप भी लगने लगा है.
 
काले कपड़े में रजिस्ट्रार प्रशांत पांडेय का बाउंसर

Ranchi :  झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में वैसे लोगों के पास भी बाउंसर है, जिन्हें वेतन भत्ता नहीं मिलता. इसमें काउंसिल के रजिस्ट्रार सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. काउंसिल के रजिस्ट्रार प्रशांत पांडेय का मामला पहले से ही विवादित है. अब काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए पैसा लेने का आरोप भी लगने लगा है.

 

प्रशांत कुमार पांडेय को वर्ष 2024 में छह महीने के लिए औपबंधित तौर पर फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त किया गया था. हालांकि वह अब तक इस पद पर बने हुए हैं और काउंसिल का कामकाज निपटा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है.

 

रजिस्ट्रार को काउंसिल से वेतन नहीं मिलता. लेकिन रजिस्ट्रार ने बाउंसर रखा है. रजिस्ट्रार के अलावा काउंसिल में कुछ लोगों द्वारा भी बाउंसर रखे जाने की सूचना है. 

 

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काउंसिल में नियुक्ति सहित अन्य मुद्दे पर पहले से चले आ रहे विवाद के दौरान अब अवैध वसूली का आरोप भी लगाया जाने लगा है. रजिस्ट्रेशन के लिए काउंसिल के चक्कर लगा रहे लोगों ने अवैध वसूली की शिकायत की है.

 

कुछ लोगों ने 10-15 हजार रुपये की दर से अवैध वसूली की शिकायत की है. जबकि कुछ लोगों ने मोलभाव के आठ हजार रुपये तक में रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही है.

 

 

 

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