Ranchi : ग्रामीण कार्य विभाग (REO) द्वारा एक ही मामले में अलग-अलग व्याख्या करने की वजह से एक पद पर दो-दो इंजीनियर तैनात हो गये हैं. एक के पास तबादला आदेश के अमल में नहीं लाने का आदेश है, तो दूसरे के पास सरकार द्वारा पदस्थापित करने से संबंधित अधिसूचना. मामला REO कार्यप्रमंडल लोहरदगा के कार्यपालक अभियंता के पद से संबंधित है.
सरकार ने 17 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी कर तीन इंजीनियरों का तबादला किया. पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कार्यपालक अभियंता सनों सोरेन को अभियंता प्रमुख के कार्यालय में कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण) के पद पर पदस्थापित किया गया. अभियंता प्रमुख के कार्यालय में कार्यपालक अभियंता (उड़नदस्ता) के पद पर पदस्थापित सरकार हांसदा को REO कार्य प्रमंडल लोहरदगा में कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापित किया गया. इसके अलावा लोहरदगा में इसी पद पर पदस्थापित सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार दास को स्थानांतरित करते हुए रांची स्थित मिट्टी अन्वेषण में कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापित कर दिया.
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इस तबादले के बाद विजय कुमार दास ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. इसमें उन्होंने कहा कि वह सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर है. लेकिन सरकार ने उनका तबादला कार्यपालक अभियंता के पद पर कर दिया है. सरकार का यह आदेश गलत है. सरकार ने दस्तावेज़ की जांच किये बिना ही तबादला आदेश जारी कर दिया है. वह सितंबर 2026 में रिटायर होने वाले हैं. सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर होते हुए कार्यपालक अभियंता के पद से रिटायर होने पर उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. इसलिए न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए उचित आदेश पारित करे.
न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को शपथ पत्र दायर कर अपना पक्ष पेश करने का आदेश दिया. 10 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान न्यायालय को अधिवक्ता की ओर से यह सूचित किया गया कि विभाग को याचिका की जानकारी है. लेकिन समय की कमी की वजह से शपथ पत्र दायर नहीं किया जा सका. न्यायालय ने इस सूचना के बाद विभाग द्वारा 17 मार्च 2026 को जारी तबादला आदेश को अपने अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया. इससे लोहरदगा कार्य प्रमंडल के इस पद दो-दो इंजीनियर पदस्थापित हो गये.
इस बीच ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से न्यायालय में IA दायर कर यह जानकारी दी गयी कि कार्यपालक अभियंता विजय कुमार दास को सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर में प्रोन्नत करने के बाद पथ निर्माण विभाग ने उनकी सेवा ग्रामीण कार्य विभाग को नहीं सौपी है. विभाग की ओर से दायर IA के बाद तबादले का यह मामला और ज्यादा विवादित हो गया है. इसकी वजह विभाग द्वारा पथ निर्माण के कनीय अभियंता मनीष देव को सहायक अभियंता के पद पर ग्रामीण कार्य प्रमंडल जामताड़ा के पद पदस्थापित करना है.
उल्लेखनीय है कि मनीष देव और विजय कुमार दोनों का ही मूल विभाग पथ निर्माण है. मनीष देव कनीय अभियंता और विजय कुमार कार्यपालक अभियंता के रुप में ग्रामीण विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे. पथ निर्माण विभाग ने मनीष देव को 1 अगस्त 2025 को सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नत किया. विजय कुमार को 11 जनवरी 2024 को आदेश जारी कर कार्यपालक अभियंता से सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर के पद पर प्रोन्नत किया. दोनों की इंजीनियरों की प्रोन्नति से संबंधित आदेश में यह लिखा गया कि जो जिस पद पर कार्यरत है उस पद को प्रोन्नति के आलोक में अपग्रेड किया जाता है. यह पद उस वक्त तक अपग्रेडेड रहेगा जब तक संबंधित इंजीनियरों को नव प्रोन्नत पदों पर दूसरी जगह पदस्थापित नहीं किया जाता है.
पथ निर्माण विभाग के इस आदेश के आलोक में प्रोन्नति के बाद नये सिरे से दोनों ही इंजीनियरों की सेवा ग्रामीण विभाग को हस्तांतरित करने की जरूरत नहीं है. क्योंकि दोनों की सेवा पहले से ही ग्रामीण कार्य विभाग में है. इसके बावजूद ग्रामीण कार्य विंग ने मनीष देव को सहायक अभियंता के पद पर पदस्थापित किया. लेकिन विजय कुमार को स्थानांतरित करते हुए सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर के बदले कार्यपालक अभियंता के पद पर ही पदस्थापित कर दिया.



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