Ranchi: झारखंड कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक के बीच अधिकांश कांग्रेसी मंत्री राधा कृष्ण किशोर के प्रति आक्रामक दिख रहे हैं. कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह ने तो सोशल मीडिया पर पोस्ट करके एक तरह से अपना विरोध दर्ज करा दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के कई दिग्गज ऑफ द रिकॉर्ड बहुत सारी बातें बता रहे हैं.
एक दिग्गज कांग्रेस ने ऑफ द रिकॉर्ड कहा कि वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कई गलतियां गिनायी जा सकती हैं. कई निर्णयों से असहमति हो सकती है. लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने कभी पार्टी नहीं बदली. शुरु से अंत तक कांग्रेसी ही रहे. उन पर एक ऐसे व्यक्ति के द्वारा सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाया जा रहा है, जिसने पता नहीं चार या पांच बार पार्टी बदली है. हर बार मौके के हिसाब से पार्टी बदली.
एक अन्य दिग्गज कांग्रेसी ने भी ऑफ द रिकॉर्ड ही बताया, जब प्रदेश नेतृत्व ने पदाधिकारियों की नियुक्ति की सूची जारी की, तो दूसरे ही दिन राधा कृष्ण किशोर ने अपने बेटे प्रशांत किशोर से इस्तीफा दिलवा दिया. क्यों? उस वक्त उनकी नैतिकता कहां थी, जब टटका-टटका पार्टी में शामिल होने के बाद भी मंत्री का पद स्वीकार कर लिया था. जबकि कई कांग्रेसी विधायक ऐसे हैं, जो दो या तीन बार से विधायक हैं, उन्हें मंत्री पद नहीं मिला.
तीसरे कांग्रेसी नेता के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष से असहमति को पार्टी के भीतर उठाना चाहिये था ना कि सार्वजनिक रुप से. जिन्हें पत्र लिख रहे हैं, उन तक पहुंचने से पहले मीडिया में पत्र पहुंच जा रहा है. यह सीधे-सीधे अनुशासन का मामला है. पार्टी कार्रवाई जरूर करेगी. क्योंकि इससे ना सिर्फ झारखंड कांग्रेस बल्कि झारखंड की सरकार को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है.
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