Ranchi: राज्य की कानून-व्यवस्था का संचालन जहां से होता है, उसी झारखंड पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय परिसर में लगे अग्निशमन सिलेंडरों की वैधता अवधि अगस्त 2024 में ही समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद से उसे बदला नहीं गया है. लगे सिलेंडरों की एक्सपायरी वर्ष 2024 में ही हो गई, इसके बावजूद अब तक नए सिलेंडर नहीं लगाए गए हैं.
गौरतलब है कि इसी मुख्यालय में डीजीपी, एडीजी और आईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं और पूरे राज्य की सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियां यहीं से तय होती हैं. ऐसे में महत्वपूर्ण परिसर में अग्निशमन उपकरणों का समय पर न बदला जाना सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है. अग्निशमन सिलेंडर किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती नियंत्रण का सबसे अहम साधन माना जाता है, लेकिन इनके एक्सपायरी होने से आपदा के समय बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.

झारखंड पुलिस मुख्यालय में लगा एक्सपायर हो चुका अग्निशमन सिलेंडर
सूत्रों का कहना है कि यह स्थिति पिछले काफी समय से बनी हुई है, परंतु इस ओर न तो किसी ने पहल की और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी ने संज्ञान लिया. यदि मुख्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर ही सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी हो रही है, तो राज्य के जिलों की क्या स्थिति होगी. हालांकि मुख्यालय में पहले भी कई बार आग लग चुकी है.
अब सवाल उठता है कि जब राज्य की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले मुख्यालय में ही अग्निशमन व्यवस्था कमजोर पड़ी हो, तो किसी आपात स्थिति में जवाबदेही किसकी होगी. आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित विभाग तत्काल निरीक्षण कर एक्सपायरी सिलेंडरों को बदले और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करे, ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके.
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