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सीमा विवाद को लेकर आपस में उलझ रही झारखंड पुलिस, पीड़ित परेशान, अपराधी उठा रहे फायदा

Ranchi :  झारखंड में सीमा विवाद को लेकर विभिन्न पुलिस थानों के बीच अक्सर विवाद देखने को मिलता है, जिससे आपराधिक मामलों की जांच और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है. इस समस्या का मूल कारण थाना क्षेत्रों का अव्यवस्थित बंटवारा है, जो राज्य के बढ़ते विस्तार के साथ और जटिल हो गया है. हाल के महीनों में इस तरह के कई मामले राज्य के अलग-अलग जिले से सामने आए हैं, जहां सीमा विवाद को लेकर दो थानों की पुलिस आपस में उलझ जाती है.

 

थानों के बीच स्पष्ट सीमाएं निर्धारित नहीं, इसलिए कार्रवाई में होती है देरी

झारखंड के विभिन्न जिलों में थाना क्षेत्रों का सीमांकन सही ढंग से नहीं किया गया है. आबादी के विस्तार के साथ कई नए इलाके विकसित हुए हैं, लेकिन इन क्षेत्रों को लेकर पुलिस थानों के बीच स्पष्ट सीमाएं निर्धारित नहीं हैं. जब किसी क्षेत्र में कोई घटना होती है, तो पुलिसकर्मी तुरंत कार्रवाई करने के बजाय, यह तय करने में समय बर्बाद करते हैं कि वह क्षेत्र किस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है. यह अस्पष्टता न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है, बल्कि अपराधियों को भी इसका फायदा उठाने का अवसर देती है, क्योंकि प्राथमिकी दर्ज करने में होने वाली देरी उन्हें बच निकलने का मौका देती है.

 

प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी, थाने के चक्कर लगाते रह जाते पीड़ित  

पुलिस थानों के बीच सीमा विवाद का एक बड़ा परिणाम यह होता है कि आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करती है. पुलिसकर्मी अपने रिकॉर्ड को अच्छा रखने के चक्कर में मामले को दूसरे थाना क्षेत्र का बताकर पीड़ितों को भटकाते हैं. पीड़ितों को एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे वे थक जाते हैं और कई बार न्याय की उम्मीद छोड़ देते हैं. इस संवेदनहीनता का सीधा लाभ अपराधियों को मिलता है.

 

हाल की कई घटनाएं, जो झारखंड पुलिस के बीच सीमा विवाद को करते हैं उजागर : 

- रांची में नदी से शव निकालने को लेकर विवाद  :  4 जुलाई 2025 को रांची में नामकुम, चुटिया और डोरंडा थाना के बीच सीमा विवाद के चलते एक शव पांच घंटे तक नदी में पड़ा रहा. बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद चुटिया थाना ने शव को निकाला और प्राथमिकी डोरंडा थाना में दर्ज की गई.

- धनबाद में रेलवे ट्रैक से शव उठाने को लेकर आनाकानी  : 12 नवंबर 2024 को धनबाद के छोटा अंबोना-प्रधानखंता रेलवे स्टेशन के बीच एक 40 वर्षीय अज्ञात युवक का शव 12 घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा. कालूबथान और बलियापुर थाना के बीच सीमा विवाद के कारण शव उठाने में देरी हुई.

- धनबाद-गिरिडीह नदी में युवती का मिला शव :  6 सितंबर 2024 को धनबाद और गिरिडीह के बीच स्थित बराकर नदी में एक युवती का शव मिला था. इस दौरान धनबाद के टुंडी और गिरिडीह के ताराटांड थाना की पुलिस ने इसे अपना क्षेत्र न बताकर शव उठाने से इनकार कर दिया था.

- रांची में स्वर्णरेखा नदी पर लड़के का शव बरामद  : 30 मई 2021 को रांची के नामकुम-खेलगांव थाने की सीमा पर स्वर्णरेखा नदी पर एक लड़के की लाश को निकालने में पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई थी. दो थानों के बीच सीमा विवाद के कारण लाश काफी देर तक नदी में ही पड़ी रही, जिसके बाद खेलगांव थाना ने शव को बाहर निकलवाया.

- गिरिडीह-कोडरमा अवैध खदान दुर्घटना : 13 नवंबर 2020 को गिरिडीह और कोडरमा की सीमा पर संचालित एक अवैध माइका खदान में चार लोगों की मौत का मामला करीब 22 घंटे तक सीमा विवाद में उलझा रहा. प्रशासनिक, पुलिस और वन अधिकारियों के घंटों के मंथन के बाद गिरिडीह पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

- सरायकेला में शव मिलने के बाद सीमा मापी :  25 मई 2020 को सरायकेला में एक व्यक्ति का शव मिलने के बाद सरायकेला और राजनगर थाना के बीच सीमा को लेकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि अमीन से सीमा क्षेत्र की मापी करानी पड़ी, जिसके सात घंटे बाद सरायकेला थाना की पुलिस ने शव को उठाया.

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