Ranchi : झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी NQAS प्रमाणन में देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार को लेकर तेज प्रगति दर्ज की गई है.
इसको लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डीआईसी सिद्धार्थ सान्याल सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में बताया गया कि मार्च 2025 तक जहां केवल 8 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र NQAS प्रमाणित थे, वहीं मार्च 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है. राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS के तहत प्रमाणित कराने का लक्ष्य तय किया है.
सरकार की ओर से गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है. इसके तहत प्रति बेड 10 हजार रुपये सालाना तीन वर्षों तक देने का प्रावधान है.
इसमें 25 प्रतिशत राशि स्वास्थ्य संस्थान के कर्मियों और पदाधिकारियों में बांटी जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि से अस्पतालों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. साथ ही प्रमाणित संस्थानों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली राशि में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की जाएगी.
जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों और कर्मियों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई गई है.
NQAS के तहत अस्पतालों में बुनियादी ढांचे में सुधार, दवाओं की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और बेहतर जांच सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा द्वारा नियमित समीक्षा के माध्यम से इस कार्य की निगरानी की जा रही है. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है और सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है.
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