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Big News : खनिज संपदा में समृद्ध, फिर भी राजस्व में पिछड़ा झारखंड, लौह अयस्क उत्पादन में ओडिशा से 7 गुना पीछे

  • लौह अयस्क उत्पादन में झारखंड, ओडिशा से 939 मिलियन टन पीछे 
  • देश में कुल लौह अयस्क रिजर्व का झाऱखंड में 21 और ओडिशा के पास 33.9% हिस्सा
  • बॉक्साइट उत्पादन में झारखंड की हिस्सेदारी बेहद कम 
  • खनन परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने की जरूरत

Ranchi :  झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में गिना जाता है. लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार होने के बावजूद राज्य अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप राजस्व अर्जित नहीं कर पा रहा है.

 

इसके विपरीत ओडिशा ने खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, समयबद्ध स्वीकृतियों और प्रभावी नीतियों के माध्यम से खनन क्षेत्र से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त कर विकास को नई गति दी है.

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के उत्पादन आंकड़ों पर नजर डालें तो झारखंड का लौह अयस्क उत्पादन 152 मिलियन टन रहा, जबकि ओडिशा में 1,091 मिलियन टन दर्ज किया गया. यानी लौह अयस्क उत्पादन के मामले में झारखंड ओडिशा से लगभग 7.2 गुना पीछे है.

 

ओडिशा के पास भारत के कुल लौह अयस्क भंडार का लगभग 33.9% और झारखंड में 21% हिस्सा मौजूद है. वहीं बॉक्साइट उत्पादन में भी ओडिशा 145 मिलियन टन के साथ झारखंड (4 मिलियन टन) से करीब 36 गुना आगे है.

 

जानकारों को अनुसार, झारखंड में खनन क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्ताव वन एवं पर्यावरण स्वीकृतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के कारण प्रभावित होते हैं. इसका सीधा असर उत्पादन और राज्य के राजस्व पर पड़ता है.

 

यदि खनन परियोजनाओं को समय पर मंजूरी मिले और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो तो राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है.  खनन गतिविधियों में तेजी आने से न केवल राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा. 

 

ओडिशा ने जिस प्रकार खनिज संसाधनों के दोहन, नीलामी व्यवस्था और राजस्व संग्रहण में बेहतर प्रदर्शन किया है, उसी प्रकार झारखंड को भी खनन, वन एवं पर्यावरण विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे. तभी राज्य अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप राजस्व अर्जित कर सकेगा.

राज्यवार खनिज उत्पादन (वित्तीय वर्ष 2025-26)

राज्य   लौह अयस्क चूना पत्थर बॉक्साइट अन्य खनिज
ओडिशा 1,091 66   145 27
छत्तीसगढ़ 370 358 8 0.17
कर्नाटक   359 303 - 7
झारखंड 152 3 4 0.09
महाराष्ट्र   131 151 6 9
मध्य प्रदेश   49 484 3 11
गोवा 9 -   -   -  
राजस्थान   8 811 - 24
आंध्र प्रदेश 0.14 469 - 5
गुजरात   - 190 16 4

               
            ओडिशा बनाम झारखंड

सूचकांक ओडिशा झारखंड अंतर
लौह अयस्क उत्पादन 1,091 152 ओडिशा 7.2 गुना आगे
बॉक्साइट उत्पादन 145 4   ओडिशा 36 गुना आगे
चूना पत्थर उत्पादन   66 3 ओडिशा 22 गुना आगे
अन्य खनिज   27 0.09 ओडिशा 300 गुना से अधिक आगे

 

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