Ranchi: झारखंड राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल पन्ना और महासचिव चंदन कुमार प्रसाद ने नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) दीपमाला घोष और महाप्रबंधक आर. एस. भगवाने से मुलाकात कर बैंक कर्मचारियों से जुड़ी लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया. इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने प्रबंधन द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद मांगों पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर गहरी चिंता जताई.
संघ ने बैठक के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया. पदाधिकारियों ने बताया कि बैंक के अधिकांश कर्मचारियों ने 10 वर्ष से अधिक की सेवा पूरी कर ली है, लेकिन स्वीकृत पदों के रिक्त होने के बावजूद प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. इससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है. संघ ने अविलंब प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.
इसके अलावा संघ ने बैंक में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया. बताया गया कि स्वीकृत पदबल के बावजूद बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे कई शाखाओं में कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है. संघ ने आईबीपीएस के माध्यम से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी.
संघ ने यह भी कहा कि बैंक के मर्जर के बाद अब तक सेवा संहिता, स्थानांतरण नीति और अन्य कर्मचारी हितैषी नीतियों का निर्माण नहीं हो सका है. इन नीतियों के अभाव में कर्मचारियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. संघ ने इन सभी नीतियों को जल्द से जल्द तैयार करने का आग्रह किया.
संघ पदाधिकारियों ने नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक से इन मांगों पर सकारात्मक हस्तक्षेप की उम्मीद जताते हुए कहा कि समस्याओं का त्वरित समाधान होने से न केवल कर्मचारियों का हित सुरक्षित होगा, बल्कि बैंक की कार्य कुशलता में भी वृद्धि होगी.
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