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LAGATAR IMPACT: CM के हस्तक्षेप से NHM झारखंड में 298 पदों की बहाली की जांच तेज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अंतर्गत 298 संविदा पदों पर बहाली में गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. खबर सामने आने और अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है.
 

Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अंतर्गत 298 संविदा पदों पर बहाली में गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. खबर सामने आने और अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है.

 

मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से मुख्यमंत्री को अवगत कराने को कहा गया है.

 

मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव घनश्याम प्रसाद सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जन शिकायत कोषांग में प्राप्त परिवाद के आलोक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के तहत राज्य स्तरीय 298 पदों पर की जा रही संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

 

गौरतलब है कि एनएचएम झारखंड द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत वरीय अस्पताल प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक, वित्तीय प्रबंधक और आईटी एग्जीक्यूटिव के कुल 298 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे.

 

अस्पताल प्रबंधक पद के लिए आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद जारी सूची में कई योग्य अभ्यर्थियों को नॉट शॉर्टलिस्टेड किया गया, जबकि जांच में 29 ऐसे अभ्यर्थियों को गलत तरीके से बाहर रखने की पुष्टि हुई. वहीं, तीन ऐसे अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जो निर्धारित अर्हता पूरी नहीं करते थे.

 

इस मामले में प्रशासनिक पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड ने मानव संसाधन कोषांग और नर्सिंग कोषांग से जुड़े अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है.

 

Lagatar से हुई बातचीत में प्रशासनिक पदाधिकारी लक्ष्मी नारायण किशोर ने बताया कि अवनी प्रसाद, परामर्शी, मानव संसाधन कोषांग, एकता शबनम, नर्सिंग कोषांग और बुधेश्वर भगत, कंप्यूटर ऑपरेटर, मानव संसाधन कोषांग से लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया है. सभी स्पष्टीकरणों की जांच की जा रही है.

 

हालांकि विभाग ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए यह स्पष्ट करने से इनकार कर दिया है कि स्पष्टीकरण में संबंधित अधिकारियों ने क्या जानकारी दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा.

 

प्रशासनिक पदाधिकारी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे प्रकरण पर अब मुख्यमंत्री सचिवालय की सीधी नजर है, जिससे बहाली प्रक्रिया पर बड़ा प्रशासनिक फैसला होने की संभावना बढ़ गई है.

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