Ranchi News : गैर-संचारी रोगों यानी NCD के इलाज और रोकथाम के लिए झारखंड के तैयार किए गए इंटीग्रेटेड NCD मॉडल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही झारखंड देश का पहला मॉडल राज्य बन गया है. राज्य में इस मॉडल की सफलता के बाद इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है.
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15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की बैठक में इस मॉडल को मंजूरी दी गई. बैठक में मंत्रालय की अपर सचिव और मिशन निदेशक आराधना पटनायक मौजूद थीं.
इस योजना में कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग, तंबाकू सेवन, मुंह की बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर एक साथ काम किया जाएगा. मरीजों की बीमारी की जल्द पहचान, जांच, डिजिटल रिकॉर्ड और लगातार इलाज पर जोर दिया जाएगा.
मॉडल के तहत पांच राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा गया है. इनमें राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शामिल हैं.
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण अभियान को भी बढ़ाने की योजना है. इसके अलावा ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
मॉडल को लागू करने के लिए जल्द ही राज्य स्तर की कार्यशाला आयोजित की जाएगी. इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, संस्थान और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड ने विकास भागीदारों, सामाजिक संगठनों और सरकारी कंपनियों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की है. वे CSR, तकनीकी मदद और सामुदायिक स्तर पर सहयोग दे सकेंगे.
बैठक में NHM झारखंड के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, डॉ. रवि राज और अनिमा किस्कू समेत केंद्र और राज्य के कई अधिकारी मौजूद रहे.
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