Ranchi: राज्य सरकार ने मरीजों की रेफरल प्रणाली को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए 237 नई एंबुलेंस खरीदने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इसके साथ ही वर्तमान में बेड़े में शामिल 206 पुरानी एंबुलेंस की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
खास बात यह है कि चयनित एजेंसी को न केवल एंबुलेंस की मरम्मत करनी होगी, बल्कि अगले पांच वर्षों तक उनके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी को दी जाएगी. एजेंसी के प्रदर्शन के आधार पर ही उसके अनुबंध का विस्तार किया जाएगा, जिससे समय पर तकनीकी खराबियों को दूर करना अनिवार्य होगा.
स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस सेवा को और अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए 108 सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित सॉफ्टवेयर लागू करने पर विचार कर रहा है. इस तकनीक के जरिए सभी एंबुलेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे मरीजों को एंबुलेंस मिलने में लगने वाला समय कम होगा. इसके अलावा इस सिस्टम के माध्यम से एंबुलेंस संचालन में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े पर भी पूरी तरह से नजर रखी जा सकेगी.
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत बड़ा कदम उठाया है. वर्तमान में संचालित 70 मोबाइल मेडिकल यूनिट के अलावा 100 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट जल्द ही जोड़ी जाएंगी. ये यूनिट उन इलाकों में पहुंचेंगी, जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र काफी दूर हैं, जिससे वहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी. इसके साथ ही 104 हेल्पलाइन सेवा को भी अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को घर बैठे सही और समय पर चिकित्सीय परामर्श मिल सके.
राज्य के पांच जिलों में सदर अस्पतालों के माध्यम से चल रही टेली-मेडिसिन सेवाओं की सफलता को देखते हुए अब इसे सभी जिलों में लागू करने की तैयारी की जा रही है. इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सकेगी.
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