Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में ट्रेजरी से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आ रहा है और इससे वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
अजय शाह ने बताया कि बोकारो में एक अकाउंटेंट ने फर्जीवाड़ा कर रिटायर हो चुके कांस्टेबल के नाम पर पैसे निकाल लिए. डिजिटल रिकॉर्ड में बदलाव कर कई महीनों तक वेतन जारी रखा गया और बार-बार राशि एक निजी खाते में ट्रांसफर की गई. उन्होंने दावा किया कि हजारीबाग समेत अन्य जिलों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है.
उन्होंने ई-कुबेर सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने सुरक्षित माने जाने वाले पोर्टल में डेटा कैसे बदला गया. साथ ही बैंकों की भूमिका पर भी सवाल उठाया कि नाम में अंतर होने के बावजूद कई बार ट्रांजेक्शन कैसे हो गया.
अजय शाह ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के इस तरह का घोटाला संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि निकासी और व्ययन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होती है और इतनी बड़ी चूक गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है.
उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति पर घोटाले का आरोप है, उसे पहले प्रशंसा पत्र भी दिया गया था, जिससे पूरे मामले पर और सवाल खड़े होते हैं. अजय शाह के अनुसार, यह मामला राज्य सरकार या पुलिस ने नहीं बल्कि कैग की जांच में सामने आया.
प्रेस वार्ता में भाजपा ने कई मांगें रखीं. पार्टी ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी सभी रिपोर्ट और पत्र सार्वजनिक किए जाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके. पूरे राज्य की ट्रेजरी की जांच कराई जाए और जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई या न्यायिक आयोग से कराई जाए. साथ ही अन्य योजनाओं से जुड़ी फाइलें भी संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएं. अजय शाह ने चेतावनी दी कि यदि पूरे राज्य में निष्पक्ष जांच हुई तो यह घोटाला बहुत बड़े स्तर का सामने आ सकता है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment