- आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थानीय नियम और आरक्षण के अनुसार नियुक्त किया जाएगा
Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मियों की सेवानिवृत्ति उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है.
लोजपा विधायक जनार्दन पासवान के तारांकित प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने यह बात कही. कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है, न कि सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाना.
वित्त मंत्री ने कहा कि हर राज्य की अपनी परिस्थितियां और आवश्यकताएं होती हैं. छत्तीसगढ़ या अन्य राज्यों में यदि सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाई गई है, तो यह जरूरी नहीं कि झारखंड भी वही नीति अपनाए. राज्य सरकार स्थानीय जरूरतों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है.
राधा कृष्ण किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय ही दिया जाएगा. साथ ही अब आउटसोर्स पर रखे जाने वाले कर्मचारी केवल झारखंड के स्थानीय निवासी होंगे और नियुक्ति में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा.
दरअसल विधायक जनार्दन पासवान ने सरकार से मांग की थी कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में भी सेवानिवृत्ति उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए. इस पर सरकार ने साफ कर दिया कि वर्तमान में ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है.
वित्त मंत्री ने कहा कि ऑटसर्सिग कंपनी कम मानदेय दे रहे हैं, ये मामला सरकार के पास भी आया है. ऑटसर्सिग कंपनी 5 प्रतिशत अपना कमीशन ले सकते हैं. साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति के मामले में आरक्षण का भी पालन कराने पर सरकार विचार कर रही है.
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