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झारखंड विस : सीएम चंपाई सोरेन ने की बड़ी घोषणा, ग्रामीणों का बकाया बिजली बिल होगा माफ

Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सदन को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित गठबंधन के तमाम सदस्य हेमंत सोरेन कमी महसूस कर रहे हैं. सदन में सीएम चंपाई सोरेन ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि 30 लाख उपभोक्ताओं को 125 मिनट फ्री बिजली का लाभ मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्र का बकाया बिजली बिल भी माफ होगा. चंपाई ने कहा कि जो बिल नहीं दे पाए हैं, सरकार उसका बिजली बिल माफ करेगी, यह सरकार की नई घोषणा है. आगे कहा कि केंद्र सरकार वन अधिकार कानून में संशोधन करने जा रही है, जिसका हमलोगों ने विरोध किया है. केंद्र को इसको लेकर लेटर भी लिखा है. केंद्र सरकार ग्राम सभा को भी खत्म करने का प्रयास कर रही है. राज्य की इस दशा का जिम्मेवार भाजपा ही है. यह लोग केवल आदिवासी मूलवासी के विकास की बात करते हैं. जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता है. कोयलांचल को लेकर भी एक संशोधन का बिल लाया है. केंद्र सरकार कोयलांचल से रैयतों का अधिकार खत्म करने जा रही है. केंद्र सरकार कोलांचल में लीज को लेकर नया नीति लाने जा रही है, जो रैयतों के लिए ठीक नहीं है. भाजपा को आदिवासियों के बारे में बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है. झारखंड में सीएनटी में धारा-49 को खत्म करने की साजिश चल रही है. सीएनटी एक्ट खत्म हुआ तो आदिवासी मूलवासी खत्म हो जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने क्या-क्या कहा

सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि न खाता न बही- हमारे हेमंत को जेल में डाल दिया. ग्रामसभा को खत्म करने की साजिश चल रही है. जमीन को बचाने के लिए दिल्ली तक जाएंगे, इसके लिए पूरी सरकार लड़ेंगे. धनबाद को बचाना है तो मोदी को हटाना होगा. अगर ये फिर जीत गए तो कौन बोलेंगे. ये झारखंड नहीं, आदिवासी-मूलवासी को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं. ये लोग किस तरह का विकास की बात करते हैं, समझ में नहीं आता है. अब फिर से जनता के बीच जाने का समय आ गया है. हेमंत सोरेन ने काफी सोच समझकर 1932 आधारित स्थानीय नीति बनाया था. मगर भाजपा के लोग एक आदिवासी को आगे करके इस नीति को रोकने का काम किया. यह सरकार स्थानीय को नियोजन देने के लिए गंभीर है, मगर ये लोग टांग अड़ा रहे हैं. जो लोग ओबीसी का आरक्षण 27 से 14% किया, वे लोग क्या ओबीसी की बात करेंगे. एक कदम तो उठाना होगा, नहीं तो यहां जमीन ही खत्म हो जाएगी. जमीन नहीं रहेगी तो आदिवासी मूलवासी खत्म हो जाएंगे. 1985 का स्थानीय नीति बनाकर लड्डू बांटने का काम किया था इनलोगों ने. सारे मसले अब जनता के बीच लेकर जाएंगे. एक-एक चीज, बीजेपी के हर कारनामे को जनता को बताएंगे. हमारे काम से भाजपा मुद्दा विहीन हो गई है. एक-एक कारनामे को हमलोग उजगार करेंगे. जेएसएससी का प्रश्न पत्र लीक हो गया था. सरकार बहुत जल्द इसका एग्जाम लेगी. एसआईटी जांच जल्द पूरी होगी. 30 लाख उपभोक्ताओं को 125 मिनट फ्री बिजली का लाभ मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्र का बकाया बिजली बिल माफ होगा. जो बिल नहीं दे पाए हैं उसका सरकार बिजली बिल माफ करेगी, यह सरकार की नई घोषणा है. यहां के आदिवासी और मूलवासियों को अपने पैर पर खड़ा करेंगे. हर खेत में पानी पहुंचाएंगे, ताकि प्रकृति के भरोसे न रहना पड़े. भाजपा और केंद्र सरकार आदिवासी मूलवासियों को कीड़े-मकोड़े की तरह देखती है. हमारे गांव के लोग अपनी मातृभाषा को छोड़कर दूसरी भाषा नहीं जानते हैं, इसलिए सरकार मातृभाषा के शिक्षकों की बहाली करेगी. इसे भी पढ़ें : लोस">https://lagatar.in/los-elections-11-names-from-jharkhand-in-bjps-first-list-sanjay-seth-from-ranchi-and-manish-jaiswal-from-hazaribagh-got-ticket-see-list/">लोस

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