Ranchi News: नवंबर का पहला हफ्ता शुरू होने के बावजूद झारखंड के लोगों को अभी गुलाबी ठंड का अहसास नहीं हो रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के निदेशक व वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि चक्रवाती सिस्टम के कारण फिलहाल ठंड का असर नहीं दिख रहा है. बादल छंटने के बाद 6 नवंबर से राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जबकि छठ और उसके बाद से ठंड का प्रभाव बढ़ने लगेगा.
हिमालयी हवाओं का असर रुका, महसूस हो रही गर्मी
निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि हिमालय में जब बर्फबारी होती है, तो वहां से उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं (नॉर्थ-वेस्टरली विंड) चलती हैं. फिलहाल चक्रवाती तंत्र और बादलों के कारण इन हवाओं का प्रभाव झारखंड में नहीं दिख रहा है. इसी वजह से आमतौर पर नवंबर के शुरुआती हफ्ते में महसूस होने वाली ठंड गायब है और गर्मी का अहसास हो रहा है.
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चक्रवात ‘मुरासु’ का खास असर नहीं, कुछ जगहों पर हल्की बारिश संभव
मौसम वैज्ञानिक ने स्पष्ट किया कि चक्रवात ‘मुरासु’ का झारखंड में कोई खास असर नहीं दिखेगा. इसके प्रभाव से केवल कुछ जगहों पर आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है.

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद
पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और दोनों सिंहभूम में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं 4 नवंबर को केवल सिमडेगा और कोल्हान के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार हैं. 5 नवंबर से पूरे राज्य में सुबह कोहरा या धुंध छाने के बाद आसमान साफ रहेगा.
मंगलवार को रांची का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक (20.2 डिग्री) जबकि जमशेदपुर का सामान्य से 5.1 डिग्री अधिक (23.6 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया.
गिरिडीह में हुई 20.8 मिमी बारिश, लातेहार सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 20.8 मिमी बारिश गिरिडीह के बर्कीसुरैया में दर्ज की गई. इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में 15.2 मिमी और मंझारी में 12.2 मिमी वर्षा हुई. राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में 33.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
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