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स्कूलों के सिलेबस में झारखंड की कला-संस्कृति पर नया विषय जुड़ेगा- हेमंत सोरेन

 
  • उत्कृष्ट विद्यालय के बच्चों को अन्य राज्य घुमाएगी सरकार
  • राज्य स्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
  • हमारे बच्चे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस जरूरत है हम उन्हें संसाधनों के साथ जोड़ें: हेमंत सोरेन
  • 80 उत्कृष्ट विद्यालय (स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सीबीएसई की तर्ज पर मिलेगी क्वालिटी एजुकेशन
  • झारखंड के इतिहास में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहली बार हुआ ऐसा आयोजन
Ranchi: झारखंड के सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ सिलेबस में नए विषयों के रूप में झारखंड की कला संस्कृति से संबंधित एक अलग विषय जोड़ा जाएगा. ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ी राज्य की भाषा, कला-संस्कृति को ना भूलें. यह घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की है. वे राजधानी रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में सोमवार को आयोजित उत्कृष्ट विद्यालय के प्रबंधन समिति के सदस्यों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे. हेमंत सोरेन ने कहा है कि चयनित उत्कृष्ट विद्यालयों में भी कंपटीशन कराया जाएगा. जिन विद्यालयों का परिणाम बेहतर होगा, वहां के कर्मियों एवं बच्चों को देश के अन्य राज्यों का भ्रमण कराया जाएगा. ताकि हमारे बच्चे देखें और सीखें कि अन्य राज्यों के स्कूलों में हमसे क्या बेहतर है. इसे पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/4291-people-died-in-road-accident-in-jharkhand-in-three-years/">झारखंड

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राज्य गठन के बाद पहली बार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर हुआ इस तरह का आयोजन

बता दें कि राज्य गठन के बाद पहली बार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर इस तरह का आयोजन हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के बच्चे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है. बस जरूरत है कि हम उन्हें संसाधनों से जोड़ा जाए. जो बच्चे-बच्चियां पिछड़ापन, गरीबी और संसाधनों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार मदद करेगी. इस अवसर पर सीएम के प्रधान सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, विभागीय सचिव के रवि कुमार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सुनील कुमार, प्राथमिक शिक्षा निदेशक चंद्रशेखर, राज्य भर से पहुंचे 80 उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा एवं अन्य लोग उपस्थित थे.

पहले चरण में 80 और दूसरे चरण में 4000 से अधिक स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था

सीएम ने कहा, हमारी सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है. पहले चरण में 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएसई की तर्ज पर पढ़ाई होगी. आने वाले समय में 4,000 से अधिक सरकारी विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में केरल राज्य का उदाहरण पेश किया. इसे भी पढ़ें-  सदन">https://lagatar.in/demand-for-respect-and-encouragement-to-vananchal-and-jp-agitators-raised-in-the-house/">सदन

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प्रबंधन समिति की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के सफल एवं उत्कृष्ट संचालन के लिए स्कूल प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी अहम और महत्वपूर्ण रहती है. स्कूल प्रबंधन समिति को अब पहले से ज्यादा बेहतर होने की आवश्यकता है, तभी हम उत्कृष्ट विद्यालय की परिकल्पना को साकार कर सकेंगे. विद्यालय प्रबंधन समिति को सरकार का हर तरह से सहयोग है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिला भ्रमण के समय वे स्वयं इन उत्कृष्ट विद्यालयों में औचक निरीक्षण करेंगे. [wpse_comments_template]    
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