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झारखंड की जनजातीय संस्कृति, प्रकृति-प्रेम व सामुदायिक सौहार्द है राज्य की अनमोल धरोहर: राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को चांडिल, सरायकेला-खरसावां में नवनिर्मित विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी सेवा एवं प्रशिक्षण ‘प्रकल्प भवन’ का उद्घाटन किया.
 
  • राज्यपाल ने विवेकानंद केंद्र का किया उद्घाटन

Ranchi : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को चांडिल, सरायकेला-खरसावां में नवनिर्मित विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी सेवा एवं प्रशिक्षण ‘प्रकल्प भवन’ का उद्घाटन किया. 

 

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भवन सेवा, संस्कार और समाज-निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. विवेकानंद केंद्र का उद्देश्य आध्यात्म-आधारित मानव निर्माण है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सेवा भवन युवाओं में चरित्र, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का प्रमुख केंद्र बनेगा.

 

झारखंड की जनजातीय संस्कृति, प्रकृति-प्रेम और सामुदायिक सौहार्द राज्य की अनमोल धरोहर है. इस सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना समय की महती आवश्यकता है और इस दिशा में विवेकानंद केंद्र का चांडिल प्रकल्प महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

 

नर सेवा ही नारायण सेवा की भावना

राज्यपाल ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम आदर्श है. उन्होंने केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार और सेवा कार्यों की सराहना की. राज्यपाल ने युवाओं से अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान, तकनीक और कौशल से स्वयं को समृद्ध करने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ‘प्रकल्प भवन’ आने वाले वर्षों में मानव निर्माण, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा.

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