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अल्बर्ट एक्का चौक पर JMM ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका, मांगा इस्तीफा

Ranchi News: प्रदर्शन को संबोधित करते हुए JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि जनता के साथ खेल खेला जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या हो रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्था स्वायत्त होनी चाहिए. महुआ माजी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो मिसाल कायम की थी, उसे मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त तार-तार कर रहे हैं.
 
पुतला दहन

Ranchi News: रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया. पार्टी ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई.

 

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि जनता के साथ खेल खेला जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या हो रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्था स्वायत्त होनी चाहिए. महुआ माजी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो मिसाल कायम की थी, उसे मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त तार-तार कर रहे हैं.

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महुआ माजी ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि कई फैसले उनकी सहमति के बिना लिए गए. उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मामले पर पर्दा डालने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते या उन्हें पद से हटाया नहीं जाता, तब तक विरोध शांत नहीं होगा.

 

उन्होंने मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जाने को लेकर भी सवाल उठाए. महुआ माजी ने कहा कि यदि इसी तरह लोगों के नाम काटे जाते रहे तो भविष्य में उन्हें देश का नागरिक नहीं होने की बात कही जा सकती है. उन्होंने कहा कि इसका असर बच्चों की पढ़ाई, नौकरी, बैंक खाता और अस्पताल जैसी सुविधाओं पर पड़ने की आशंका है.

 

SIR प्रक्रिया को खारिज कर नए सिरे से शुरू करने की मांग

झारखंड में चल रही प्रक्रिया को लेकर महुआ माजी ने इसे पूरी तरह खारिज कर नए सिरे से शुरू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को लेकर गड़बड़ी और षड्यंत्र के आरोप सामने आ रहे हैं, ऐसे में इसे जारी रखने का क्या मतलब है.

 

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं. ऐसे में उनके लिए वर्षों पुराने दस्तावेज संभालकर रखना हमेशा संभव नहीं होता. उन्होंने सवाल उठाया कि दस्तावेज नहीं होने के आधार पर ऐसे लोगों के अधिकारों को कैसे खारिज किया जा सकता है.

 

महुआ माजी ने कहा कि लोगों को अपने ही देश में पराया नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि JMM जनता के मुद्दे को लेकर विरोध कर रही है और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी मांग आगे भी जारी रखेगी.

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