Ranchi News : प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में अपनाए गए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा के रजिस्ट्रार को मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया.
अदालत ने BIT मेसरा को नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया की तकनीकी एवं विशेषज्ञ स्तर पर जांच के लिए एक विशेषज्ञ कमिटी गठित करने का भी निर्देश दिया है. गठित की जाने वाली कमिटी में बीआईटी के संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा. कमिटी यह जांच करेगी कि परीक्षा में अपनाया गया नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला तकनीकी एवं गणितीय रूप से उचित है अथवा नहीं.
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाते समय निर्धारित नियमों और आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई.
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याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अधिवक्ता शुभम मिश्रा, अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता और अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा. वहीं जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा.
प्रार्थी के अधिवक्ताओं की ओर से नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और उसके आधार पर तैयार परिणाम को लेकर उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया गया. मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.
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