इसे भी पढ़ें : अकबरुद्दीन">https://lagatar.in/akbaruddin-owaisi-acquitted-in-the-inflammatory-speech-case-the-special-court-of-hyderabad-gave-the-verdict/">अकबरुद्दीनJNU is a free university. We respect individuals` choices, it`s a melting pot of all identities. Young people have opinions and we appreciate diversity & dissent but let`s not end up having violence: JNU VC Santishree Dhulipudi Pandit on recent violence pic.twitter.com/HHQYh3rFuF
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— ANI (@ANI) April">https://twitter.com/ANI/status/1514174623843512322?ref_src=twsrc%5Etfw">April
13, 2022
ओवैसी भड़काऊ भाषण के केस में बरी, हैदराबाद के स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला
रामनवमी पर छात्रों के दो समूहों के बीच संघर्ष के बाद यूनिवर्सिटी फिर चर्चा में
JNU में रामनवमी पर छात्रों के दो समूहों के बीच संघर्ष के बाद यूनिवर्सिटी फिर चर्चा में है. हिंसा पर जेएनयू की वीसी शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने कहा, जेएनयू एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय है. हम व्यक्तियों की पसंद का सम्मान करते हैं, यह सभी पहचानों का एक पिघलने वाला बर्तन है. युवाओं की राय है और हम विविधता की सराहना करते हैं, मतभेद भी हो, लेकिन ये हिंसा पर जाकर नहीं होना चाहिए. जेएनयू की वीसी ने कहा, रामनवमी हवन किया जाये या नहीं और खाने के मेन्यू को लेकर विवाद खड़ा हो गया. यह दो समूहों के संस्करण हैं. प्रॉक्टोरियल जांच का आदेश दिया गया था और हम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, यह निष्पक्ष जांच होगी. इसे भी पढ़ें : कर्नाटक">https://lagatar.in/karnataka-voice-rising-in-bjp-on-communal-incidents-yeddyurappa-said-let-muslims-live-in-peace/">कर्नाटक: सांप्रदायिक घटनाओं पर भाजपा में उठ रही आवाज, बोले येदियुरप्पा, मुस्लिमों को शांति से जीने दो
वामपंथी छात्र संगठन और एबीवीपी से संबद्ध दो समूहों के बीच झड़प
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कावेरी छात्रावास में रविवार को वामपंथी छात्र संगठन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से संबद्ध दो समूहों के बीच मेस में रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर झड़प हो गयी थी. पुलिस के अनुसार इस झड़प में 20 छात्र घायल हो गये थे.किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जाना चाहिए : यूजीसी अध्यक्ष
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष और जेएनयू के पूर्व कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जाना चाहिए. सोमवार को दोनों छात्र गुटों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. वहीं जेएनयू के प्राधिकारियों ने दावा किया कि संघर्ष उस समय हुआ जब कुछ छात्रों ने हवन का विरोध किया. ऐसा ही आरोप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध एबीवीपी ने लगाया है. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-will-hear-on-april-22-regarding-dharma-sansad-orders-uttarakhand-government-to-file-status-report/">सुप्रीमकोर्ट धर्म संसद को लेकर 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा, उत्तराखंड सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश

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