Search

Job Fair:  51 हजार युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, रांची में 132 अभ्यर्थियों को सौंपे गए पत्र

Ranchi: देशभर में आयोजित 19वें नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के तहत शनिवार को 47 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान पूरे देश में करीब 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए. रांची में 132 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि 25 अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से मंच पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया.

 

रांची में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह और डीआरएम करुणा निधि सिंह मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और देशभर के नवनियुक्त युवाओं को संबोधित किया.

 

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि यह सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत का परिणाम है. उन्होंने कहा कि पहले नियुक्ति पत्र सामान्य प्रक्रिया से पहुंचते थे, लेकिन आज प्रधानमंत्री स्वयं युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब यह अभियान शुरू हुआ था, तब लोगों को विश्वास नहीं था कि लाखों युवाओं को इस तरह पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र मिलेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने वादों को पूरा कर रहे हैं और नियुक्ति पाने वाले सभी युवा सौभाग्यशाली हैं.

 

संजय सेठ ने कहा कि जनता के प्रतिनिधियों का कर्तव्य जनहित में काम करना है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में आज के युवा “ब्रांड एंबेसडर” की भूमिका निभाएंगे.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के फैसले और काम विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप और स्वरोजगार की नई संस्कृति विकसित हुई है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. उन्होंने बताया कि देश में 23 लाख 30 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं और टियर-2 व टियर-3 शहरों के युवा भी बड़ी संख्या में नवाचार और उद्यमिता से जुड़ रहे हैं.

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और महिला संचालित स्टार्टअप्स की संख्या में भी तेजी आई है. मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद की है.

 

नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यवस्था की असली ताकत उसके लोग होते हैं और सरकारी नौकरी का उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना है. उन्होंने युवाओं से नई तकनीक और नई जरूरतों के अनुसार लगातार सीखते रहने का आग्रह किया. साथ ही iGOT कर्मयोगी और कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल का लाभ उठाने की सलाह दी. अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि “जन सेवा ही प्रभु सेवा” है और “नागरिक देवो भव” की भावना के साथ काम करना ही सबसे बड़ा दायित्व है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//