Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा वर्ष 2026 के लिए जनवरी माह में जारी परीक्षा और साक्षात्कार कैलेंडर अभी से ही फेल होते दिख रहे हैं. कैलेंडर जारी हुए अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों का पालन नहीं किया जा रहा है.
जेपीएससी कैलेंडर के अनुसार, आज की नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक के हो एवं पंचपरगनिया विषय के अभ्यर्थियों का अभिलेख (डॉक्यूमेंट) सत्यापन प्रस्तावित था. बावजूद इसके, आयोग की ओर से न तो कोई आधिकारिक नोटिस जारी किया गया और न ही वेबसाइट पर कोई सूचना दी गई, जिससे अभ्यर्थियों में भ्रम और असंतोष व्याप्त है.
आयोग ने विभिन्न शैक्षणिक पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया का कैलेंडर जारी किया था. इसी क्रम में नियुक्ति के तहत स्टैच्यूट्स, मैथिली, लेबर एंड सोशल वेलफेयर सहित कुल छह विषयों में नियुक्ति होनी है. जो कि पहले ही फेल हो चुकी है.
कैलेंडर में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था कि शिक्षकों की नियुक्ति के अंतर्गत हो व पंचपरगनिया विषय में अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया 10 फरवरी माह को संपन्न कराई जाएगी, लेकिन तय तिथि पर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी.
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे आयोग द्वारा प्रकाशित कैलेंडर को आधार मानकर दूर-दराज के क्षेत्रों से रांची आने की तैयारी कर रहे थे. समय, धन और मानसिक दबाव के बीच जब अंतिम समय तक कोई सूचना नहीं आई, तो वे असमंजस की स्थिति में फंस गए.
आयोग पहले भी कई नियुक्ति प्रक्रियाओं जैसे एपीपी के 134 नियमित पद, 26 बैकलॉग पद, विभिन्न चिकित्सा पदों एवं विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सीनियर साइंटिस्ट की नियुक्तियों की तिथियों में बदलाव कर चुका है या उन्हें बिना स्पष्ट सूचना के आगे बढ़ाता रहा है.
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि जेपीएससी अपने ही जारी कैलेंडर के अनुरूप पारदर्शिता के साथ कार्य करे और हो एवं पंचपरगनिया विषय के सहायक प्राध्यापक अभिलेख सत्यापन को लेकर तत्काल स्पष्ट नोटिस जारी करे, ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके.
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